कहा, चंबा में 551 करोड़ की 65 सड़क परियोजनाओं में 61 को मिली गति, जल्द शुरू होंगे शेष कार्य
विधानसभा अध्यक्ष बोले, विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करें अधिकारी
एएम नाथ। डलहौजी : हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बुधवार को डलहौजी स्थित परिधि गृह में आयोजित समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा जिला चंबा में संचालित विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में विभाग के मुख्य अभियंता उत्तरी क्षेत्र, अधीक्षण अभियंता डलहौजी वृत्त सहित विभिन्न अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 250 से अधिक आबादी वाले जिले के सभी सड़क सुविधा से वंचित गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण में शामिल करते हुए उनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क संपर्क से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम समय पर उठाए जाएं।
पठानिया ने चंबा-चुवाड़ी टनल परियोजना की समीक्षा करते हुए बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना का निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के साथ विकास को नई गति प्रदान करेगी।
उन्होंने जानकारी दी कि पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के तहत जिले में लगभग 551 करोड़ रुपये की लागत वाली 65 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 61 परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ इंटरेस्ट जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को शेष चार परियोजनाओं से जुड़ी विभागीय औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने विभिन्न सड़क एवं पुल परियोजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य सरकारी भवनों के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने वन स्वीकृति से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम, डीएफओ और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सड़क और पुल जैसी आधारभूत सुविधाएं किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास की आधारशिला होती हैं। इसलिए सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए और अनावश्यक देरी से बचा जाए। बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए भावी कार्ययोजना और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सुझाव भी साझा किए।
