चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने जापान दौरे के तीसरे दिन राज्य के लिए ₹500 करोड़ का महत्वपूर्ण निवेश सुरक्षित किया है। इस दौरान, जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील ने वर्धमान स्पेशल स्टील्स के साथ अपनी साझेदारी बढ़ाने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में दोनों कंपनियों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री मान ने इस उपलब्धि को पंजाब के लिए ‘स्वर्णिम दिन’ बताया। उन्होंने कहा कि टोयोटा की स्टील शाखा आइची स्टील कॉर्पोरेशन ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने हेतु यह समझौता किया है। आइची स्टील की वर्धमान में पहले से ही 24.9 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वह मुख्य तकनीकी साझेदार भी है।
यह साझेदारी पंजाब के औद्योगिक परिदृश्य में मजबूत भारत-जापान भागीदारी का प्रतीक है। भगवंत मान ने बताया कि यह अग्रणी जापानी कंपनी पंजाब में भविष्य के फैक्ट्री संचालन का अध्ययन करेगी, जिसमें लगभग ₹500 करोड़ के संभावित निवेश का मूल्यांकन भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने आइची स्टील और वर्धमान स्पेशल स्टील्स की साझेदारी मजबूत करने हेतु पंजाब सरकार से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा जापानी कंपनियों को उनके कारोबार विस्तार में सहायता करना पंजाब की बड़ी प्राथमिकता है।
भगवंत सिंह मान ने उम्मीद जताई कि आइची ग्रुप का तकनीकी सहयोग और वर्धमान ग्रुप की विशेषज्ञता मिलकर राज्य में औद्योगिक क्रांति के नए युग की शुरुआत करेगी। उन्होंने आइची को 13-15 मार्च, 2026 को मोहाली में होने वाले ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026’ में भाग लेने का न्योता भी दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सम्मेलन पंजाब के विकास को दर्शाएगा, जहां औद्योगिक दिग्गजों को एक मंच पर लाकर नई साझेदारी व सहयोग के अवसर मिलेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि जापानी निवेशक बड़ी संख्या में इसमें शामिल होकर राज्य के औद्योगिक विकास को गति देंगे।
भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य युवाओं हेतु नए अवसर पैदा करना और निवेशकों को स्थिर, विश्वसनीय माहौल देना है। उन्होंने जापान के साथ पंजाब के मजबूत संबंधों पर भी जोर दिया, जिसमें कई कंपनियों ने राज्य में विश्वास दिखाया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह साझेदारी पंजाब में जापानी निवेशकों के विश्वास और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दर्शाती है। पंजाब सरकार राज्य की औद्योगिक क्षमताओं को प्रदर्शित कर रही है, सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान कर रही है और जापानी उद्योग के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को गहरा कर रही है।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब आज भारत के सबसे कारोबार-ानुकूल राज्यों में से एक है, जिसे भारत सरकार की बी.आर.ए.पी. 2024 रैंकिंग में ‘अग्रणी’ राज्य की पहचान मिली है। यह उपलब्धि कारोबार में सुगमता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर सरकार के केंद्रित प्रयासों का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने नीति में स्थिरता, समय पर निर्णय और निवेशक-केंद्रित शासन प्रणाली पर आधारित दूरंदेशी सोच को रेखांकित किया। इसका लक्ष्य पंजाब को वैश्विक स्तर पर उद्योग के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाना है।
उन्होंने बताया कि पंजाब का दृष्टिकोण साझेदारों व उद्योगों से मिलकर उनकी जरूरतों को समझना तथा सरकारी सहयोग से विकास सुनिश्चित करना है। मान ने यह भी जोड़ा कि राज्य ने अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए औद्योगिक क्षमता का विस्तार किया है और निवेश के नए रास्ते खोले हैं।
