गाड़ी गेट पर रोकी, पैदल कार्यालय पहुंचे घुमन; मानसा जिला परिषद चेयरमैन चुस्पिंदरबीर चहल से हथियार लाइसेंस की सिफारिश पर भी हुई पूछताछ
चंडीगढ़, 19 अक्टूबर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग में अनियमितताओं के मामले में जांच तेज हो गई है। सोमवार को राजबीर घुमन सीबीआई कार्यालय पहुंचे। बताया गया कि कार्यालय के गेट पर उनकी गाड़ी रोक दी गई और अधिकारियों ने उन्हें गाड़ी बाहर खड़ी कर पैदल अंदर आने के लिए कहा।
इस मामले में जांच एजेंसी विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि, घुमन के सीबीआई कार्यालय पहुंचने को लेकर पूछताछ के विषय और जांच की मौजूदा स्थिति के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
हथियार लाइसेंस की सिफारिश पर चुस्पिंदरबीर चहल से सवाल
आम आदमी पार्टी के मानसा जिला परिषद चेयरमैन चुस्पिंदरबीर चहल भी इस मामले में सीबीआई की पूछताछ के दायरे में हैं। वह रविवार को सेक्टर-30 स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन कुछ देर बाद बाहर आ गए। चहल ने बताया था कि चार दिन पहले भी उनसे करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई थी। उन्हें दोबारा बुलाए जाने की उम्मीद थी, इसलिए वह कार्यालय पहुंचे थे।
चहल के अनुसार, पूछताछ के दौरान उनसे हथियार लाइसेंस की सिफारिश के संबंध में सवाल किए गए। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने पार्टी में साथ काम करने वाले एक मित्र और सहयोगी के लिए सिफारिश की थी।
चहल ने कहा कि जिला परिषद चेयरमैन के तौर पर किसी के पक्ष में सिफारिश करना अपने आप में अपराध नहीं है, लेकिन इसके बदले कोई अनुचित मांग करना गलत है। उन्होंने कहा कि वह अपना बयान दे चुके हैं और जरूरत पड़ने पर जांच में सहयोग करेंगे।
मान और केजरीवाल की छवि खराब करने का आरोप
चुस्पिंदरबीर चहल ने आरोप लगाया कि इस मामले के जरिए मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक एजेंडे के तहत इस कार्रवाई को मुद्दा बनाने और एफआईआर के माध्यम से मुख्यमंत्री की ईमानदार छवि पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
चहल ने ये बातें मीडिया से बातचीत के दौरान कही थीं। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही हो सकेगी।
