ऊना, 19 फरवरी. जब कोई गंभीर बीमारी किसी परिवार की दहलीज़ पर दस्तक देती है, तो इलाज के साथ उसका भारी खर्च सबसे बड़ी चिंता बन जाता है। इस आर्थिक बोझ को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना को नई गति और पारदर्शिता के साथ मजबूत किया है।
पिछले तीन वर्षों में ऊना ज़िले में 45,721 पात्र लाभार्थियों को 42 करोड़ रुपये से अधिक की उपचार सहायता प्रदान की गई है, जिससे हजारों ज़रूरतमंद परिवारों को राहत मिली है।
*प्रशासनिक निगरानी से सशक्त हुआ क्रियान्वयन*
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार ज़िले में योजना की नियमित समीक्षा की जा रही है। पात्र नागरिकों को समय पर पंजीकरण और उपचार सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।
*73,113 हिमकेयर कार्ड बनाए जा चुके*
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजीव वर्मा ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 73,113 परिवारों का पंजीकरण कर हिमकेयर कार्ड बनाए जा चुके हैं। समग्र रूप से 72,752 लाभार्थी उपचार सुविधा प्राप्त कर चुके हैं तथा पिछले 3 साल में 42 करोड़ रुपये से अधिक स्वास्थ्य राहत को मिलाकर योजना प्रारंभ होने से अब तक कुल 62 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपचार पर व्यय की जा चुकी है।
*प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार*
हिमकेयर योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार कवरेज प्रदान किया जाता है। यदि किसी परिवार में पाँच से अधिक सदस्य हैं, तो अतिरिक्त सदस्यों को अलग इकाई के रूप में नामांकित किया जा सकता है, बशर्ते प्रत्येक इकाई में अधिकतम पाँच सदस्य हों।
*श्रेणीवार निर्धारित हैं प्रीमियम दरें*
संजीव वर्मा ने बताया कि सरकार ने श्रेणीवार प्रीमियम की दरें निर्धारित की हैं। श्रेणी–1 में बीपीएल परिवार (जो आयुष्मान भारत में शामिल नहीं हैं), पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स (आयुष्मान भारत से वंचित), मनरेगा श्रमिक (पिछले/वर्तमान वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 50 दिन कार्य)और अनाथालयों में रहने वाले बच्चे के लिए शून्य प्रीमियम निर्धारित किया गया है।
वहीं, श्रेणी–2 में एकल नारी, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग व्यक्ति, मिड-डे मील वर्कर्स/हेल्पर, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालिक, कांट्रैक्चुअल एवं आउटसोर्स कर्मचारी(सरकारी/स्वायत्त निकाय/बोर्ड/निगम आदि) के लिए वार्षिक प्रीमियम 365 रुपये निर्धारित किया है। इसके अलावा अन्य जोकि श्रेणी–1 व श्रेणी–2 में शामिल नहीं हैं तथा सरकारी कर्मचारी/पेंशनभोगी या उनके आश्रित नहीं हैं, उनके लिए 1000 रुपये वार्षिक प्रीमियम निर्धारित है।
*पंजीकरण के लिए ये हैं आवश्यक दस्तावेज*
योजना के अंतर्गत पंजीकरण के लिए श्रेणी अनुसार संबंधित प्रमाण पत्र अनिवार्य हैं, जिनमें बीपीएल प्रमाण पत्र, स्ट्रीट वेंडर पंजीकरण, मनरेगा जॉब कार्ड व एमआईएस रिपोर्ट, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, मिड-डे मील वर्कर प्रमाण पत्र, विभागीय प्रमाणीकरण तथा एकल नारी/विधवा/तलाकशुदा महिलाओं हेतु सीडीपीओ द्वारा जारी प्रमाण पत्र शामिल हैं।
*सरल एवं पारदर्शी है आवेदन प्रक्रिया*
डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि हिमकेयर योजना में ई-कार्ड जारी किए जाते हैं। पात्र नागरिक www.hpsbys.in वेबसाइट के माध्यम से या लोक मित्र केंद्र/सामान्य सेवा केंद्र के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
ई-कार्ड तैयार करने के लिए प्रति परिवार (अधिकतम पाँच सदस्य) 50 रुपये शुल्क निर्धारित है। लाभार्थी को सही श्रेणी का चयन करना अनिवार्य है, क्योंकि गलत श्रेणी में आवेदन करने पर प्रीमियम की प्रतिपूर्ति का कोई प्रावधान नहीं है।
सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सभी अस्पताल हिमकेयर योजना से भी जुड़े हुए हैं और ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से कैशलेस उपचार प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त लाभार्थी पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ एवं जीएमसीएच सेक्टर-32 चंडीगढ़ में भी इस योजना के तहत उपचार सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
*पात्र नागरिकों से पंजीकरण की अपील*
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ज़िला के सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे हिमकेयर योजना के अंतर्गत शीघ्र पंजीकरण करवाकर इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और समय पर बेहतर इलाज सुनिश्चित करें।
