एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार में सीनियर मंत्री चंद्र कुमार कैबिनेट से इस्तीफा नहीं देंगे। बीती रात को उनके बेटे नीरज भारती की सोशल मीडिया पर मचे सियासी घमासान पर अब चंद्र कुमार ने खुद प्रतिक्रिया दी है। शिमला में सचिवालय में पहुंचे मंत्री चंद्र कुमार ने पूरे मामले को लेकर सफाई दी और बताया कि यह विवाद किसलिए हुआ। उधर, इस्तीफे वाली बात पर कैबिनेट मंत्री चंद्र कुमार हंसने लगे। वीरवार को शिमला में सचिवालय में मीडिया से बातचीत में कैबिनेट मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि यह मामला ट्रांसफर और एडजस्टमेंट से जुड़ा था, जिसे अब सुलझा लिया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नीरज भारती (बेटा) एक युवा है और कई बार आवेश में युवा कुछ कह बैठते हैं, लेकिन वे इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा, “बीते कल मैं मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ था, हम एक ही गाड़ी में आए थे। इस्तीफे की कोई बात नहीं है। यह हमारा अंदरूनी मामला है और इसे हमने सुलझा लिया है। बीजेपी को इस पर चिंता करने की जरूरत नहीं है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर को पेशा बना लिया है और इस पर नियंत्रण जरूरी है। मंत्री ने कहा, “सरकार और संगठन में कई बातें होती हैं, लेकिन हम सब मिलकर समाधान निकालते हैं।” उधर, इस बयान के साथ उन्होंने विपक्ष द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उठाए जा रहे सवालों को भी दरकिनार कर दिया और सरकार की एकता और आंतरिक समन्वय का संदेश देने की कोशिश की। इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं जरूर गर्म हैं, लेकिन चंद्र कुमार के बयान के बाद स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई है। केंद्र सरकार से 2 हजार करोड़ रुपये मंजूर होने पर प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि नुकसान 17 हजार करोड़ से ज्यादा है और मदद 2006 करोड़ की आई है। जो ऊंट के मुंह में जीरा है। अब यह भी देखना है कि यह पैसा किस हेड में आया है। क्योंकि बीजेपी बढ़ा-चढ़ा कर बोल रही है।
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बेटे ने लिखी थी पोस्ट
गौरतलब है कि चंद्र कुमार के बेटे पूर्व विधायक नीरज भारती ने देर शाम को सोशल मीडिया पर लिखा था कि उनके पिता कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा देंगे। क्योंकि सारे काम तो दलालों के हो रहे हैं। उन्होंने यह पोस्ट हटा ली थी और बाद में एक और पोस्ट की थी, जिसमें लिखा था कि सीएम से आश्वासन मिला है। फिर तीसरी पोस्ट और लिखी थी कि अगर ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में दलालों की घुसपैठ बंद होगी तो ठीक वरना इस्तीफा दिया जाएगा। हालांकि, अब चंद्र कुमार ने ही सब साफ कर दिया है।
