सूचना का अधिकार एक्ट ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता व जवाबदेही को बनाया यकीनी: खुशवंत सिंह

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राज्य सूचना कमिश्नर ने मगसीपा की ओर से आयोजित ट्रेनिंग के दौरान पी.आई.ओज व ए.पी.आई.ओज. को किया संबोधित
होशियारपुर  :  राज्य सूचना कमिश्नर श्री खुशवंत सिंह ने कहा कि सूचना का अधिकार(आर.टी.आई) एक्ट सरकारी कामकाज में पारदर्शिता व जवाबदेही के लिए बनाया गया है और सभी लोक सूचना अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस एक्ट को गंभीरता से ले और तय  समय सीमा के अंदर प्रार्थी को सूचना मुहैया करवाए। वे आज जिला प्रशासकीय कांप्लेक्स में महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन(मगसीपा) की ओर से जिले के विभिन्न विभागों के लोक सूचना अधिकारियों व सहायक लोक सूचना अधिकारियों के लिए आयोजित की गई दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतिम दिन अधिकारियों को संबोधित करते हुए रखे। इस दौरान उनके साथ मगसीपा के के रिजनल प्रोजैक्ट डायरेक्टर श्री पी.एस जोशी व रिसोर्स परसन एडवोकेट शिव कुमार सोनिक व जिला राजस्व अधिकारी श्री अमनपाल सिंह भी मौजूद थे।
राज्य सूचना कमिश्नर ने कहा कि ट्रेनिंग कार्य क्षेत्र का वह दौर होता है जब हम किसी व्यवस्था को बेहतर ढंग से जान पाते हैं। इस लिए अच्छे ढंग से ली गई ट्रेनिंग से कार्य में दक्षता व सकारात्मक सुधार आता है और यह ट्रेनिंग का लक्ष्य भी होता है। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार 2005 के अंतर्गत लोगों को यह अधिकार दिया गया है कि वे संबंधित विभाग से कोई भी जानकारी ले सकते हैं और इसका उद्देश्य ही काम में पारदर्शिता लाना व भ्रष्टाचार पर नकेल कसना है। उन्होंने कहा कि आर.टी. आई एक्ट आने के बाद सिस्टम में कई सकारात्मक बदलाव भी आए हैं।
श्री खुशवंत सिंह ने कहा कि सभी विभागों के लोक सूचना अधिकारी(पी.आई.ओ) यह सुनिश्चित करें कि सूचना मांगने वाले को तय समय के अंदर सूचना मुहैया करवाई जाए। हर विभाग में सूचना देने के लिए लोक सूचना अधिकारी(पी.आई.ओ.)  नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर पी.आई.ओ. को लगता है कि यह सूचना उससे संबंधित नहीं है तो यह उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह संबंधित पी.आई.ओ. को पांच दिन के भीतर सूचना ट्रांसफर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पी.आई.ओ. सूचना मांगने वाले से सूचना मांगने का कारण नहीं पूछ सकता है।
ट्रेनिंग के दौरान मगसीपा के रिजनल प्रोजैक्ट डायरेक्टर श्री पी.एस जोशी, रिसोर्स परसन डा. ऊषा कपूर, एडवोकेट शिव कुमार सोनिक व पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला की कानून विभाग की प्रमुख डा. निम्मी ने आर.टी.आई एक्ट संबंधी विस्तार से जानकारी देते उसके कानूनी पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस एक्ट के अंतर्गत हमारा फर्ज बन जाता है कि किसी व्यक्ति  द्वारा जनहित में मांगी गई सूचना को तय समय के अंदर उसे मुहैया करवाई जाए। इस दौरान उन्होंने लोक सूचना अधिकारियों व सहायक लोक सूचना अधिकारियों की ड्यूटी के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आर.टी.आई एक ऐसा हथियार है जिसके माध्यम से कई विभागों के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है और कार्य में पारदर्शिता भी आई है। उन्होंने कहा कि आर.टी.आई एक्ट के आने के बाद सरकारी विभागों के कामकाज में पारदर्शिता के साथ-साथ रिकार्ड के रख रखाव में भी काफी सुधार आया है। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आर.टी.आई से संबंधित परेशानियों का निवारण करते हुए उनके प्रश्नों का जवाब भी दिया। अंत में उन्होंने ट्रेनिंग में हिस्सा लेने वाले सभी पी.आई.ओज व ए.पी.आई.ओज को सर्टिफिकेट भी सौंपे।

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