सैंपल लेकर फूड टैस्टिंग लेबोरेट्री खरड़ में जांच के लिए भेजे : हर छोटे से बड़े फूड बिजनेस आपरेटर के लिए रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस अनिवार्य

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जिले में सख्ती से लागू किया जाएगा फूड सेफ्टी व स्टैंडर्ड एक्ट-2006, जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने खाद्य पदार्थों के लिए 11 सैंपल
होशियारपुर, 15 सितंबर:
डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल के निर्देशों पर जिले में लोगों को मिलावट मुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. लखवीर सिंह व उनकी टीम ने आज अलग-अलग स्थानों से खाद्य पदार्थों के 11 सैंपल लिए। उन्होंने कहा कि जिले में मिलावटखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी व मिलावटखोरों के खिलाफ फूड सेफ्टी व स्टैंडर्ड एक्ट-2006 के अंतर्गत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ताकि पंजाब सरकार के रंगले व स्वस्थ पंजाब के सपने को पूरी तरह से कामयाब किया जा सके।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि उन्होंने फूड सेफ्टी अधिकारी मुनीष सोढी, विजय कुमार व टीम के अन्य सदस्यों सहित डोमिनिक पीजा से दो सैंपल, डिलिशियस बाइट से 1 सैंपल, अन्ना हट व मैसर्ज ग्रील से 1-1 सैंपल, कोर्ट रोड होशियारपुर से केक व पनीर का 1-1 सैंपल, जहानखेलां से पनीर का सैंपल, ऊना रोड से पनीर के 2 सैंपल व बजवाड़ा से पनीर का एक सैंपल लिया है। उन्होंने बताया कि यह सभी सैंपल फूड टैस्टिंग लेबोरेट्री खरड़ में जांच के लिए भेजे ज चुके हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को खाने पीने वाले साफ सुथरे व शुद्ध पदार्थों की उपलब्धता को यकीनी बनाना समय की मुख्य मांग है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि स्टेट फूड कमिश्नर अभिनव त्रिखा व डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल की हिदायतों के अनुसार जिले में लगातार चैकिंग अभियान चलाया जाएगा ताकि लोगों को शुद्ध व साफ सुथरी खाद्य वस्तुएं मुहैया करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर कानून अनुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को भी जागरुक होने की जरुरत है। उन्होंने जिले के अंदर खाने-पीने वाले पदार्थों की बिक्री करने व इन पदार्थों को तैयार करने वालों को अपील करते हुए कहा कि वे जन हित के मद्देनजर शुद्ध, मानक व क्वालिटी पदार्थों की बिक्री को यकीनी बनाएं व किसी भी तरह के बासी या मिलावटी पदार्थ की बिक्री न करें।
डा. लखबीर सिंह ने कहा कि हर छोटे से बड़े फूड बिजनेस आपरेटर(एफ.बी.ओज) के लिए रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि 12 लाख रुपए वार्षिक से कम सेल करने वाले एफ.बी.ओज के लिए 100 रुपए वार्षिक रजिस्ट्रेशन जरुरी है जबकि 12 लाख रुपए वार्षिक से ज्यादा सेल करने वाले एफ.बी.ओएज के लिए दो हजार रुपए वार्षिक लाइसेंस फीस जमा करवाना अनिवार्य है। उन्होंने एफ.बी.ओज से अपील करते हुए कहा कि जिनकी रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस फीस रिन्यू करवाने वाली है वे अपनी फीस जमा करवाएं और जिन्होंने अभी तक रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस नहीं लिए वे जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करें।

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