सिरमौर : जिले सिरमौर के हाटी समुदाय का 55 वर्ष से शांतिपूर्ण संघर्ष आखिरकार रंग लाया। बुधवार को समुदाय को जनजाति का दर्जा देने का बिल राज्यसभा से भी पास हो गया। यह बिल लोकसभा में बीते वर्ष 16 दिसंबर को पारित हुआ था। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों की 154 पंचायतों के दो लाख लोगों को उनका जनजातीय सांविधानिक अधिकार मिल जाएगा।
राज्यसभा में केंद्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने दोपहर बाद बिल पेश किया। दो घंटे चर्चा के बाद बिल पारित हो गया। राज्यसभा से बिल पारित होते ही सिरमौर के ट्रांसगिरि इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व विधायक बलदेव तोमर, विधायक रीना कश्यप और पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी के प्रयासों से इस मामले में एथनोग्राफिक रिपोर्ट शोध संस्थान के गठन के बाद केंद्र को भेजी थी। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने का वादा किया था, जिसे भाजपा सरकार ने पूरा कर गिरिपार के हाटी समुदाय को उनका अधिकार दिया है।
चार विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को लाभ
सिरमौर जिले में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें से शिलाई विधानसभा क्षेत्र की शत-प्रतिशत आबादी को जनजातीय का दर्जा मिलने से लाभ होगा। श्री रेणुका जी और पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की 80 प्रतिशत से ज्यादा आबादी और पांवटा साहिब की करीब 14 पंचायतों के लोगों को लाभ मिलेगा। नाहन विधानसभा क्षेत्र गिरिपार से बाहर है लेकिन जिला का मुख्यालय होने की वजह से यहां पूरे जिला से लोग आकर बसे हैं। इस लिहाज से वहां भी इसका असर होगा।
