रोहित जसवाल। शिमला। हिमाचल प्रदेश के टैक्सी ऑपरेटरों को परमिट की वैधता के मामले में बड़ी राहत मिली है। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (एआईटीपी) के बाद अब बेसिक परमिट की वैधता भी 15 साल तक बढ़ाने के आदेश जारी किए गए हैं। इससे टैक्सी कारोबारियों को बार-बार परमिट नवीनीकरण की प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी कम होगी।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि बेसिक परमिट की अवधि बढ़ाने के संबंध में आदेश जारी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे टैक्सी ऑपरेटरों का समय और खर्च बचेगा। साथ ही, उन्हें अपने वाहन संचालन और कारोबार की योजना बनाने में भी सुविधा मिलेगी।
पर्यटन कारोबार को मिलेगा फायदा
हिमाचल प्रदेश में टैक्सी कारोबार पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़ा हुआ है। शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही के लिए बड़ी संख्या में टैक्सियों का संचालन होता है। परमिट की अवधि बढ़ने से इस कारोबार से जुड़े ऑपरेटरों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में राहत मिलने की उम्मीद है।
टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन ने किया स्वागत
टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान राम रत्न शर्मा ने कहा कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की अधिसूचना और बेसिक परमिट की वैधता बढ़ाने के आदेश से टैक्सी ऑपरेटरों को राहत मिलेगी। इससे परमिट नवीनीकरण के लिए बार-बार होने वाली औपचारिकताओं और उनसे जुड़े खर्च को कम करने में मदद मिलेगी।
परमिट की वैधता बढ़ाने के इस फैसले को प्रदेश के टैक्सी कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
