हिमाचल में फिर फटा बादल : मंडी शहर में आधी रात को आई बाढ़, 2 की मौत, 50 से ज्यादा वाहन दबे, कई लापता

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एएम नाथ। मंडी :  हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार रात एक बार फिर कुदरत ने कहर बरपाया। आधी रात के करीब शहर में बादल फटने की घटना सामने आई, जिससे कुछ ही मिनटों में भारी बाढ़ आ गई।

इस आपदा में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक गाड़ियां मलबे में दब गईं। बताया जा रहा है कि कई लोग मलबे में फंस गए हैं जिन्हें निकलने के प्रयास जारी हैं।
शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी और मलबा घरों और दुकानों में घुस गया, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन के चलते शहर की कई सड़कों पर यातायात ठप हो गया है। राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं।
देर रात से ही प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मौके पर पहुंचे जिला उपायुक्त और एसपी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज गरज के साथ अचानक तेज बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते सड़कों पर नदियां बहने लगीं। कई दुकानों और घरों में पानी घुस गया और लोगों को जान बचाने के लिए ऊंची जगहों पर भागना पड़ा।
मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों तक और भारी बारिश की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। हिमाचल में मॉनसून अब विकराल रूप लेता जा रहा है और स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मंडी के सिराज, थुनाग, गोहर और करसोग क्षेत्रों में एक ही रात में कई स्थानों पर बादल फटे और अचानक पानी आने से सड़कें, घर, पुल और वाहन बह गए।
अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 40 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य में जुटी NDRF, SDRF, पुलिस और होम गार्ड की टीमें अब तक 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा चुकी हैं।
प्राकृतिक आपदा से 100 से अधिक घर क्षतिग्रस्त, 14 पुल बह गए, 200 से अधिक सड़कें बंद, और पानी व बिजली की आपूर्ति भी ठप हो गई है। मंडी के पटीकरी स्थित एक हाइड्रो प्रोजेक्ट को भी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क भी बंद है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ितों को राहत राशि व पुनर्वास की घोषणा की है। वहीं मौसम विभाग ने मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में अगले 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
राज्य में 20 जून से अब तक बारिश जनित हादसों में 164 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से मंडी जिले में सबसे ज्यादा 32 मौतें हुई हैं। भारी वर्षा और बर्फबारी के कारण राज्य को अब तक ₹1,400 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है।
सरकार ने केंद्र से आपदा राहत हेतु विशेष पैकेज की मांग की है। जनता से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। हिमाचल एक बार फिर चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है और राज्य को एकजुट होकर इस आपदा का सामना करना होगा।

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