राहुल कुमार को एचआरटीसी के एमडी का अतिरिक्त प्रभार; किरण भड़ाना बिलासपुर की उपायुक्त बनीं, डॉ. यूनुस को तीन विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी
एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार आईएएस अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया गया है। राज्यपाल ने सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिशों पर जनहित में तत्काल प्रभाव से नियुक्ति एवं अतिरिक्त प्रभार संबंधी आदेश जारी किए हैं। इसके तहत दो अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि दो अधिकारियों को नए जिलों में उपायुक्त नियुक्त किया गया है।
डॉ. यूनुस को तीन विभागों का अतिरिक्त प्रभार
आदेशों के अनुसार, वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी और राज्य कर एवं आबकारी विभाग के सचिव डॉ. यूनुस को सामान्य प्रशासन विभाग, सामाजिक कल्याण विभाग तथा संसदीय कार्य विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस व्यवस्था के तहत वर्ष 2007 बैच के आईएएस अधिकारी आशीष सिंघमार को इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।
राहुल कुमार एचआरटीसी के एमडी का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे
बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार, जो वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, को हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी), शिमला के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस जिम्मेदारी से वर्ष 2017 बैच के आईएएस अधिकारी शिवम प्रताप सिंह को मुक्त किया गया है।
निवेदिता नेगी लाहौल-स्पीति की नई डीसी
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सचिव निवेदिता नेगी को लाहौल एवं स्पीति जिले का उपायुक्त नियुक्त किया गया है। वर्ष 2017 बैच की आईएएस अधिकारी निवेदिता नेगी का मुख्यालय केलांग होगा।
वहीं, लाहौल एवं स्पीति की उपायुक्त किरण भड़ाना को बिलासपुर जिले की नई उपायुक्त नियुक्त किया गया है। वह भी वर्ष 2017 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। इन नियुक्तियों के साथ दोनों जिलों के प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव होगा।
अमनदीप गर्ग सीपीसीबी अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार संभालते रहेंगे
हिमाचल प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनदीप गर्ग केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार संभालते रहेंगे। केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने इस व्यवस्था को आगे जारी रखने की मंजूरी दी है।
वर्ष 1999 बैच के आईएएस अधिकारी अमनदीप गर्ग वर्तमान में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। सीपीसीबी इसी मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
आदेश के अनुसार, वह नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक या अगले आदेश जारी होने तक सीपीसीबी अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। दोनों में से जो स्थिति पहले आएगी, उसी के अनुसार यह अतिरिक्त जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी।
