एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में अनुबंध आधार पर सेवाएं दे रहे आठ दंत चिकित्सा अधिकारियों (डेंटल मेडिकल ऑफिसर्स) को नियमित करने के आदेश जारी किए हैं। विभागीय स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिशों और कार्मिक विभाग के दिशा-निर्देशों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। 30 सितंबर 2026 तक दो वर्ष का निर्धारित अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले इन चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से नियमित किया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।
नियमित किए गए चिकित्सकों में मंडी जिले के सीएचसी जमनी में तैनात डॉ. श्रुति सोनी और नागरिक अस्पताल संधोल की डॉ. शबनम शामिल हैं। कांगड़ा जिले के नागरिक अस्पताल जयसिंहपुर में कार्यरत डॉ. अक्षिता सिंह को भी नियमित किया गया है। वहीं, चंबा जिले के नागरिक अस्पताल डल्हौजी की डॉ. श्रेया महाजन की सेवाएं भी नियमित कर दी गई हैं।
इसके अलावा शिमला जिले के सीएचसी कुमारसैन में तैनात डॉ. कल्पना, हमीरपुर जिले के सीएचसी बिझड़ी की डॉ. सिमरन सुजान कुमारी और पीएचसी जाहू की डॉ. शबनम चौधरी तथा कुल्लू जिले के सीएचसी सैंज में कार्यरत डॉ. अंजलि को भी नियमितीकरण का लाभ मिला है।
अधिसूचना के अनुसार, नियमित किए गए सभी चिकित्सकों को हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (संशोधित) वेतन नियम, 2022 के तहत पे-मैट्रिक्स के लेवल-18 में वेतन मिलेगा। उन्हें वेतनमान के न्यूनतम स्तर पर रखा जाएगा। इसके साथ ही नियमानुसार महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते भी देय होंगे।
निजी प्रैक्टिस पर रहेगा प्रतिबंध
सरकार ने नियमितीकरण के साथ सेवा संबंधी शर्तें भी स्पष्ट की हैं। 24 मई 2023 या इसके बाद नियुक्त किए गए चिकित्सा अधिकारियों को निजी प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे चिकित्सक नॉन-प्रैक्टिस अलाउंस (एनपीए) के भी पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा सभी नियमित किए गए अधिकारियों को ज्वाइनिंग की तारीख से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन) पूरी करनी होगी।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं दे रहे आठ दंत चिकित्सकों को अनुबंध सेवा से नियमित पद पर आने का लाभ मिलेगा।
