1 सितम्बर से संकट मोचन मंदिर में भी पत्तल में परोसा जायेगा लंगर – अनुपम कश्यप

by

जिला के सभी मंदिरों में पत्तल पर लंगर परोसने की है योजना
एएम नाथ। शिमला 23 अगस्त – शिमला के स्थित ऐतिहासिक तारादेवी मंदिर में हरी पत्तल में श्रद्धालुओं को लंगर परोसे जाने की सफलता के बाद अब संकट मोचन मंदिर में भी लंगर पत्तल में परोसा जायेगा। आगामी 1 सितम्बर 2024 से इसकी शुरुआत की जाएगी। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने जानकारी देते हुए कहा कि जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण के आधीन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सुन्नी खंड में कार्य कर रहे सक्षम क्लस्टर लेवल फेडरेशन बसंतपुर को पत्तल बनाने का जिम्मा दिया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की योजना जिला के सभी मंदिरों में पत्तल पर लंगर परोसने की है और इसी के तहत प्रथम चरण में इसकी शुरुआत 14 जुलाई 2024 से तारादेवी मंदिर में की गई थी। अब दूसरे चरण में संकट मोचन मंदिर में पत्तल पर लंगर परोसा जायेगा और इसकी शुरुआत 1 सितंबर 2024 से होगी जिसके लिए फेडरेशन को 4000 पत्तल तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में तथा स्वयं सहायता समूहों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रयासरत है।
सक्षम क्लस्टर लेवल फेडरेशन बसंतपुर के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को पत्तलों के उत्पादन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फेडरेशन द्वारा तारादेवी मंदिर को हर सप्ताह शुक्रवार को 4000 पत्तल दिए जा रहे हैं और अभी तक 18 हजार पत्तल तारादेवी मंदिर को दिए गए हैं, जिससे महिलाओं को आर्थिक लाभ मिला है। इसी कड़ी में अब संकट मोचन मंदिर में भी हर सप्ताह शुक्रवार को 4000 पत्तल दिए जायेंगे जो इन महिलाओं की आर्थिकी को और सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।
फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को बताया कि इस शुरुआत के बाद से पत्तल की मांग काफी बढ़ गई है। आसपास के क्षेत्र में विवाह और अन्य समारोह में लोग अब पत्तल की मांग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, नवरात्र और श्राद्ध के लिए भी एडवांस ऑर्डर प्राप्त होने शुरू हो चुके हैं।
फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि फेडरेशन में 2942 महिलाएं पत्तल बनाने का काम करती है तथा पत्तल की आकार, फिनिशिंग और गुणवत्ता को लेकर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है।
इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा, पीओ डीआरडीए कीर्ति चंदेल सहित फेडरेशन के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
रस्टिक विलेज किसान उत्पादक संगठन बसंतपुर तैयार करता है अनेक उत्पाद
फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि बसंतपुर में उनका रस्टिक विलेज के नाम से किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) है जोकि बहुत से उत्पाद तैयार करता है। उन्होंने बताया कि संगठन में 450 से अधिक महिलाएं कार्य कर रही हैं जो कोहलू से तेल निकालने, देसी घी तैयार करने, आटा चक्की चलाने, पशु चारा और अचार बनाने सहित उनकी पैकेजिंग और लेबलिंग करती हैं। उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा तैयार उत्पाद की बिक्री प्रमुख मेलों, हिम ईरा शॉप और ऑनलाइन माध्यम से भी की जाती है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

दिल्ली में कंवर ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह व केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मुलाकात की

ऊना – ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य तथा पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने आज दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह व केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मुलाकात की।...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

डल्लेवाल की हालत गंभीर : किसान नेताओं ने केंद्र को चेताया- हालात हो सकते हैं बेकाबू

चंडीगढ़ । पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। उनकी हालत इस कदर नाजुक है कि अब वो सही से बोल भी नहीं पा रहे हैं। इस...
article-image
हिमाचल प्रदेश

टांडा चिकित्सा महाविद्यालय एक साल में बनेगा प्रदेश का उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान : मुख्यमंत्री

सर्जरी और जांच के लिए जीरो वेटिंग पीरियड पर दिया बल टांडा के चिकित्सकों के साथ मुख्यमंत्री ने किया साढ़े तीन घंटे का संवाद एएम नाथ। धर्मशाला :  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने...
article-image
हिमाचल प्रदेश

विज्ञान ज्योति गर्ल्स ने किया एनआईटी का दौरा

एएम नाथ। हमीरपुर 21 अगस्त। विज्ञान ज्योति योजना में पंजीकृत छात्राओं ने बुधवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर का दौरा किया। जवाहर नवोदय विद्यालय डूंगरी में जीव विज्ञान की पीजीटी एवं विज्ञान ज्योति...
Translate »
error: Content is protected !!