10 पन्नों के नोटिस और 193 सांसदों के हस्ताक्षर : मुख्य चुनाव आयुक्त को ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव, संसद के दोनों सदनों में पेश

by

नई दिल्ली : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष ने उन्हें हटाने का प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव करीब 10 पन्नों का है, जिसमें 7 बिंदुओं के आधार पर उनके पद से हटाने की सिफारिश की गई है।

लोकसभा में इस नोटिस पर 130 सांसदों और राज्यसभा में 63 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। हालांकि, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे इस पर हस्ताक्षर करने वालों में शामिल नहीं हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त को  हटाने की प्रक्रिया : संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने के समान होती है, जो अनुच्छेद 124(4) के अनुसार होती है। जज को केवल दो आधारों – दुर्व्यवहार या कार्य निष्पादन में अक्षमता – पर हटाया जा सकता है। अनुच्छेद 124(5) के अनुसार, संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव राष्ट्रपति को सिफारिश के लिए भेजा जाता है। इस प्रक्रिया को आमतौर पर महाभियोग के नाम से जाना जाता है।

नोटिस और जांच प्रक्रिया :  सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने की प्रक्रिया जजेज़ इंक्वायरी एक्ट, 1968 में दी गई है। इसके अनुसार नोटिस किसी एक या दोनों सदनों में दिया जा सकता है। ज्ञात संकेतों के अनुसार, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दोनों सदनों में एक साथ दिया जाएगा। इस स्थिति में लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति नोटिस पर विचार करेंगे। यदि नोटिस स्वीकृत हो जाता है, तो आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमिटी बनाई जाएगी। कमिटी की रिपोर्ट की कोई समय सीमा नहीं है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट दोनों सदनों में पेश की जाएगी। यदि आरोप गलत पाए जाते हैं, तो मामला वहीं समाप्त हो जाएगा। लेकिन आरोप सही पाए जाने पर लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति आपस में सहमति बनाकर महाभियोग प्रस्ताव पेश करने की अनुमति देंगे।

विपक्ष के सामने बड़ी  चुनौती :  महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए विशेष बहुमत आवश्यक है। इसका अर्थ है कि सदन की कुल सदस्य संख्या का कम से कम 50% और मतदान समय उपस्थित सदस्यों के एक तिहाई का समर्थन होना चाहिए। विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण, किसी भी सदन में यह प्रस्ताव पेश होता है तो वहाँ इसे पारित कराना मुश्किल होगा। ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रयास विपक्ष द्वारा किया गया है, लेकिन संख्या बल की कमी और जटिल प्रक्रिया के कारण इसे सफल होना मुश्किल प्रतीत होता है।

 

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

पवन दीवान ने पंजाब सरकार द्वारा पीएयू की बेशकीमती ज़मीन बेचने संबंधी खबरों पर जताया रोष

कृषि पंजाब की अर्थव्यवस्था का दिल है और पीएयू उसका दिमाग :  दीवान लुधियाना, 13 अक्टूबर: लुधियाना शहरी ज़िला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन दीवान ने पंजाब सरकार द्वारा...
article-image
पंजाब

अर्बन मुकेरियां में निर्माणाधीन आम आदमी क्लीनिक के कार्यों की डा. शैली बाजवा ने की समीक्षा और निर्माणकार्य की जांच की

जल्द ही लोगों की मिलेंगी अर्बन मुकेरियां का आम आदमी क्लीनिक से स्वास्थ्य सुविधाएं  डॉ. शैली बाजवा नीरज शर्मा, होशियारपुर : अर्बन मुकेरियां में बनाए जा रहे आम आदमी क्लीनिक के निर्माण कार्यों की समीक्षा करने के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

बस से धरेड़- राजनाली पहुंचे आशीष बुटेल : लोक निर्माण विभाग मंडल पालमपुर में रोपित किए जाएगें 2 हजार पौधे : आशीष बुटेल

एएम नाथ। पालमपुर, 27 जुलाई :- मुख्य संसदीय सचिव शहरी विकास एवं शिक्षा, आशीष बुटेल ने कहा कि लोक निर्माण विभाग मंडल पालमपुर में विभिन्न प्रजातियों के 2000 पौधे रोपित करेगा। सीपीएस ने शुक्रवार...
article-image
पंजाब

Shaheed Bhagat Singh and his

Hoshiarpur/Daljeet Ajnoha /Mar.23 : A panel discussion under the Presidentship of District Governor Ally. Vivek Sahni was organized here today at the local Shiraz Hotel by Alliance Club International District 119 on the martyrdom...
Translate »
error: Content is protected !!