एएम नाथ। मंडी। एशियन गेम्स में भारत के लिए कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली चंबा की अंतरराष्ट्रीय धाविका सीमा अब मंडी की बहू बनेंगी। सीमा और अमन के रिश्ते को दोनों परिवारों की सहमति मिल गई है। विवाह समारोह 2028 ओलंपिक खेलों के बाद आयोजित करने का फैसला किया गया है, ताकि सीमा की खेल तैयारियों पर कोई असर न पड़े।
दस साल की दोस्ती अब जीवनभर के रिश्ते में बदली
सीमा और अमन एक-दूसरे को करीब दस साल से जानते हैं। दोनों की दोस्ती धर्मशाला में शुरू हुई थी, जो समय के साथ गहरे रिश्ते में बदल गई। अमन भी एथलीट रह चुके हैं और वर्तमान में धर्मशाला स्थित फोरेंसिक विभाग में वैज्ञानिक सहायक के पद पर कार्यरत हैं।
पुलिस विभाग में तैनात हैं अमन के पिता
अमन के पिता हरी सिंह पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। सीमा के खेल के प्रति समर्पण और मेहनत से प्रभावित होकर अमन उनके करीब आए। दोनों परिवारों की सहमति के बाद अब इस रिश्ते को विवाह के बंधन में बदलने की तैयारी है।
सीमा की खेल तैयारियों में अमन निभाते हैं अहम भूमिका
अमन केवल सीमा के जीवनसाथी ही नहीं, बल्कि उनके खेल सफर में भी सहयोगी रहे हैं। वह सीमा के पोषण और फिटनेस से जुड़ी जरूरतों का ध्यान रखते हैं तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उनके साथ रहते हैं।
एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत चुकीं सीमा का अगला बड़ा लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए पदक हासिल करना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए दोनों परिवारों ने विवाह को 2028 ओलंपिक के बाद तक टालने का निर्णय लिया है।
ओलंपिक के बाद बजेगी शहनाई
अमन के अनुसार, दोनों परिवार चाहते हैं कि सीमा अपनी खेल तैयारियों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें। इसी कारण शादी की तारीख ओलंपिक के बाद तय करने का फैसला लिया गया है। सीमा के अमन के परिवार का हिस्सा बनने की खबर से परिवार में खुशी का माहौल है। अब प्रशंसकों को सीमा के ओलंपिक अभियान के साथ-साथ उनके नए जीवन की शुरुआत का भी इंतजार रहेगा।
