बीत क्षेत्र के 11 गांवों की 27,215 आबादी को मिलेगा लाभ
ऊना, 19 सितंबर: हरोली उपमंडल के अमराली में सड़क किनारे खड़ा करीब 111 फीट 6 इंच ऊंचा जल टैंक दूर से ही लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। लंबे पिलरों पर बने इस विशाल जल भंडारण ढांचे को स्थानीय लोगों ने इसकी असामान्य ऊंचाई के कारण ‘बीत का बुर्ज खलीफा’ नाम दिया है। हालांकि, इसकी असली खासियत इसकी ऊंचाई नहीं, बल्कि इसमें एक साथ 25 लाख लीटर पानी के भंडारण की क्षमता है।
करीब 12.59 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह जल भंडारण टैंक बीत क्षेत्र के 11 गांवों की लगभग 27,215 आबादी की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करेगा। जल शक्ति विभाग के अनुसार ट्यूबवेल स्रोतों से प्राप्त पानी को इस टैंक में संग्रहित किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार संबंधित गांवों में इसकी आपूर्ति की जाएगी।
34 मीटर ऊंचा है टैंक
अमराली में निर्मित इस जल टैंक की कुल ऊंचाई करीब 34 मीटर यानी 111 फीट 6 इंच है। इसमें लगभग 25 मीटर यानी 82 फीट की स्टेजिंग तथा करीब 9 मीटर यानी 29 फीट 6 इंच ऊंचा कंटेनर शामिल है। टैंक को ऊंचाई पर बनाने का उद्देश्य पानी को गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से जरूरत के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
जल शक्ति विभाग हरोली के अधिशासी अभियंता पुनीत शर्मा के अनुसार, इस परियोजना से बीत क्षेत्र के 11 गांवों की करीब 27,215 आबादी को लाभ मिलेगा। ट्यूबवेल से पानी लेकर इसे टैंक में संग्रहित किया जाएगा और मांग के अनुसार आगे आपूर्ति की जाएगी।
क्षेत्र में कई बड़े जल भंडारण टैंक
हरोली क्षेत्र में अमराली के अलावा भी बड़े जल भंडारण ढांचे तैयार किए गए हैं। पोलियां में करीब 50 लाख लीटर और दुलैहड़ में 25 लाख लीटर क्षमता के टैंक बनाए गए हैं। इसके अलावा क्षेत्र में विभिन्न क्षमताओं के करीब 75 जल भंडारण टैंक बनाए जा चुके हैं।
पानी के स्रोत के साथ भंडारण क्षमता भी जरूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की मांग आबादी, मौसम और गर्मियों के दौरान बढ़ जाती है। ऐसे में पर्याप्त जल स्रोतों के साथ पानी के भंडारण की क्षमता भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अमराली का यह टैंक ट्यूबवेल से उपलब्ध पानी को बड़े स्तर पर संग्रहित कर जरूरत के समय उसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
पेयजल के साथ सिंचाई व्यवस्था पर भी जोर
हरोली का बीत क्षेत्र लंबे समय तक पेयजल और सिंचाई से जुड़ी चुनौतियों का सामना करता रहा है। अब क्षेत्र में दोनों सुविधाओं के विस्तार पर काम हुआ है। हरोली के विधायक एवं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रयासों से पेयजल और सिंचाई योजनाओं के विस्तार के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर दिखाई दे रहा है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से बीत क्षेत्र में नकदी फसलों की खेती को भी बढ़ावा मिला है।
ग्राम पंचायत छेत्रां के पूर्व प्रधान विकास राणा ने इस ऊंचे टैंक को स्थानीय अंदाज में ‘बीत का बुर्ज खलीफा’ नाम दिया है। सड़क से गुजरने वाले लोगों के लिए इसकी ऊंचाई भले ही आकर्षण का केंद्र हो, लेकिन बीत क्षेत्र के लिए इसका महत्व इसकी 25 लाख लीटर की जल भंडारण क्षमता में है।
एक नजर में:
- स्थान: अमराली, हरोली
- ऊंचाई: 111 फीट 6 इंच
- क्षमता: 25 लाख लीटर
- लागत: करीब 12.59 करोड़ रुपये
- लाभ: 11 गांव
- लाभान्वित आबादी: करीब 27,215
- जल स्रोत: ट्यूबवेल
