रोहित जसवाल। ऊना: ऊना के पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में फीस वृद्धि को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार को एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया। फीस कटौती की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे एबीवीपी कार्यकर्ताओं और कॉलेज प्रशासन के बीच जमकर खींचतान हुई।
मामले को सुलझाने के लिए कॉलेज में सेल्फ फाइनेंस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक आयोजित की गई। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, बैठक में फीस में अधिकतम 20 प्रतिशत कटौती का प्रस्ताव रखा गया, जबकि एबीवीपी ने 50 प्रतिशत फीस कम करने की मांग दोहराई।
बैठक के बाद विवाद बढ़ा
कॉलेज प्रशासन का आरोप है कि बैठक समाप्त होने के बाद बाहर निकल रहे समिति के वरिष्ठ सदस्यों के साथ धक्कामुक्की और बदसलूकी की गई। इसके अलावा प्रिंसिपल कार्यालय का दरवाजा बंद करने का आरोप भी लगाया गया।
हालांकि, एबीवीपी ने कॉलेज प्रशासन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। संगठन का कहना है कि छात्रों ने न तो किसी के साथ बदसलूकी की और न ही प्रिंसिपल कार्यालय का दरवाजा बंद या लॉक किया।
ABVP ने आंदोलन को बताया फीस कटौती की वजह
एबीवीपी ऊना इकाई के अध्यक्ष सूरज शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद पिछले 13 दिनों से लगातार क्रमिक भूख हड़ताल कर रही थी। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दबाव में कॉलेज प्रशासन को विद्यार्थियों के हित में फीस में 20 प्रतिशत कटौती का निर्णय लेना पड़ा।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मांग अभी पूरी तरह पूरी नहीं हुई है और संगठन 50 प्रतिशत फीस कटौती की मांग पर कायम है।
प्रिंसिपल बोलीं- वरिष्ठ सदस्यों के साथ हुई धक्कामुक्की
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. मीता शर्मा ने बताया कि मंगलवार को सेल्फ फाइनेंस मैनेजमेंट कमेटी की पूर्व निर्धारित बैठक हुई थी। बैठक से पहले कुछ छात्र कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि छात्रों से प्रदर्शन स्थल से हटने का अनुरोध किया गया था, क्योंकि समिति के कुछ वरिष्ठ सदस्य दबाव की स्थिति में बैठक करने के लिए तैयार नहीं थे। स्थिति को नियंत्रित करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए एबीवीपी और एनएसयूआई दोनों छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को बैठक में बुलाया गया।
प्रिंसिपल के अनुसार, बैठक खत्म होने के बाद बाहर निकल रहे समिति के वरिष्ठ सदस्यों के साथ धक्कामुक्की और बदसलूकी की गई। उन्होंने कहा कि पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज कॉलेज के पास उपलब्ध है।
घटना को लेकर कॉलेज प्रशासन की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई है। फीस कटौती को लेकर छात्र संगठनों और कॉलेज प्रशासन के बीच विवाद फिलहाल जारी है।
