17.94 लाख की टैक्स देनदारी निपटाने के बदले 5 लाख रिश्वत का आरोप, Income Tax Officer पर CBI की FIR

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कारोबारी की शिकायत और डिजिटल रिकॉर्डिंग के आधार पर कार्रवाई; आरोपी अधिकारी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश

शिमला, 12 सितंबर। शिमला स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में तैनात Income Tax Officer वरुण खारी के खिलाफ सीबीआई ने रिश्वत मांगने के आरोप में FIR दर्ज की है। अधिकारी पर सोलन जिले के अर्की क्षेत्र के कारोबारी लाभचंद से करीब 17.94 लाख रुपये की कथित आयकर देनदारी का मामला निपटाने के एवज में 5 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।

कारोबारी की शिकायत पर सीबीआई की प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होने के बाद सीबीआई आरोपी अधिकारी की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। हालांकि, अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

रिकवरी नोटिस के बाद शुरू हुआ मामला

शिकायत के अनुसार, वरुण खारी ने सोलन जिले के मांगू, अर्की निवासी कारोबारी लाभचंद को 7 अगस्त को आयकर रिकवरी का नोटिस भेजा था। इसमें वर्ष 2017 के लिए 8,97,160 रुपये और वर्ष 2018 के लिए 6,010 रुपये की पेनल्टी जमा करने को कहा गया था।

कारोबारी ने अपने कंसल्टेंट के माध्यम से आयकर पोर्टल पर इस कार्रवाई के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद 8 सितंबर को वह संबंधित दस्तावेजों के साथ आयकर अधिकारी से मिलने पहुंचा।

17.94 लाख की देनदारी बताकर रिश्वत मांगने का आरोप

आरोप है कि मुलाकात के दौरान अधिकारी ने 8,97,160 रुपये की पेनल्टी के अलावा करीब 8,97,100 रुपये ब्याज की देनदारी भी बताई। इस तरह कारोबारी पर कुल करीब 17.94 लाख रुपये की देनदारी बताई गई।

शिकायत के मुताबिक, अधिकारी ने कथित तौर पर यह रकम कम कराने और मामला निपटाने के बदले 5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की।

कारोबारी ने बातचीत के दौरान हुई कथित रिश्वत मांग की बातचीत को डिजिटल रिकॉर्डर में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यही रिकॉर्डिंग सीबीआई को उपलब्ध कराई गई।

पहले 4 लाख की मांग, बाद में 5 लाख पर बनी बात

सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में कथित तौर पर 4 लाख रुपये देने की मांग की गई। बातचीत आगे बढ़ने पर कथित रूप से 3 लाख रुपये तत्काल और 2 लाख रुपये एक सप्ताह के भीतर देने पर सहमति बनी।

रकम उसी शाम करीब 7 बजे देने की बात कही गई थी। हालांकि, कारोबारी ने कथित रिश्वत की रकम देने के बजाय पूरे मामले की जानकारी सीबीआई को दे दी।

सीबीआई ने दर्ज किया भ्रष्टाचार का मामला

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की प्रारंभिक जांच की। जांच के दौरान कारोबारी द्वारा उपलब्ध कराई गई डिजिटल रिकॉर्डिंग और अन्य तथ्यों की पड़ताल की गई। आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद सीबीआई ने आरोपी आयकर अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

FIR के बाद सीबीआई की टीमें आरोपी अधिकारी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मामले में रिश्वत की मांग, कथित बातचीत और आयकर देनदारी से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

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