2025-26 बजट की तैयारियों में जुटे सीएम सुक्खू : अभी सरकारी कर्मचारियों के सामान्य तबादलों पर रहेगा प्रतिबंध

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रोहित जसवाल शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगले वित्त वर्ष, 2025-26 बजट की तैयारियों में व्यस्तताओं के चलते सरकारी कर्मचारियों के सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध लगा रहेगा।
आगामी बजट का प्रारुप क्या होगा, तीसरे बजट को लेकर मुख्यमंत्री ने अभी से काम करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री की सबसे पहली प्राथमिकता प्रदेश को आर्थिक तौर पर पटरी पर लाना है, जिसके लिए सरकार लगातार वित्तीय संसाधनों को तलाशने में जुटी है। अब तक सरकार ने 1 वर्ष के भीतर 2,200 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है तथा आगामी समय में इसमें अधिक वृद्धि करने के प्रयास किए जाएंगे।
इसके लिए सरकारी स्तर पर आगामी समय में कड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। हालांकि, इस दौरान प्रयास ये रहेगा कि कड़े कदमों से आम आदमी पर बोझ कम पड़े। मुख्यमंत्री सुक्खू जिनके पास वित्त विभाग भी है, आगामी बजट सत्र में लगातार अपना तीसरा बजट प्रस्तुत करेंगे।
बौद्धिक रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए योजना लाने की तैयारी  :  नए बजट में प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने के संकेत दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने बौद्धिक रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए विस्तृत योजना लाए जाने के संकेत दिए हैं। इसके लिए दिव्यांग बच्चों के अध्यापकों से भी चर्चा की जा रही है, ताकि उनकी जरूरत का समावेश योजना में किया जा सके। प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना चाहती है, जिसमें बजट पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है।
कर्मचारियों के तबादलों पर बजट सत्र तक रहेगा प्रतिबंध :  ऐसे में जब मुख्यमंत्री अपना पूरा ध्यान नए बजट का प्रारूप तैयार करने पर केंद्रित कर रहे हैं, तो कर्मचारियों के सामान्य तबादलों पर बजट सत्र तक प्रतिबंध लगा रहेगा। हालांकि, विशेष परिस्थिति में मुख्यमंत्री तबादले करने के लिए अधिकृत रहेंगे। सत्र के बाद सामान्य तबादलों से प्रतिबंध हट जाएगा, जिसमें संबंधित विभाग के मंत्रियों को भी इसके लिए अधिकृत किया जाएगा।
बजट की तैयारियों को लेकर अब तक वित्त एवं योजना विभाग की तरफ से विभागीय स्तर पर बैठकें आयोजित करके फीडबैक ले लिया गया है। अब सरकार के 2 वर्ष के कार्यक्रम एवं उसके बाद धर्मशाला के तपोवन में 18 से 21 दिसंबर तक चलने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद नए वर्ष में विधायक प्राथमिकता की बैठकें होंगी।  इसमें विधायक अपनी प्राथमिकताएं देने के साथ सरकार को सुझाव भी देंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी बजट को लेकर सरकार की तरफ से हितधारकों एवं आम जनता से सुझाव भी मांगेगी। सुझाव देने की तिथि निर्धारित होने के बाद इन सुझावों को वित्त विभाग के पास लिखित एवं ऑनलाइन भेजा जा सकेगा।
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