अकाली दल-वारिस पंजाब दे की तैयारी; धूरी, खडूर साहिब, तलवंडी साबो और रामपुरा फूल पर मंथन, अंतिम फैसला पार्लियामेंट्री बोर्ड करेगा
तरनतारन । असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव दो सीटों से लड़ेंगे। अकाली दल-वारिस पंजाब दे ने इस संबंध में फैसला किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अमृतपाल किन दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतरेंगे, इसका अंतिम निर्णय पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड करेगा।
पार्टी के भीतर फिलहाल धूरी, खडूर साहिब, तलवंडी साबो और रामपुरा फूल सीटों को लेकर चर्चा चल रही है। इनमें धूरी सीट को लेकर सबसे अधिक राजनीतिक चर्चा है। धूरी मुख्यमंत्री भगवंत मान का विधानसभा क्षेत्र है। पार्टी सूत्रों के अनुसार अमृतपाल भी धूरी से चुनाव लड़ने के इच्छुक बताए जा रहे हैं, हालांकि अभी इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।
मालवा में पैर जमाने की रणनीति
अमृतपाल के लिए मालवा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ना पार्टी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 69 सीटें मालवा क्षेत्र में हैं। अकाली दल-वारिस पंजाब दे का आधार मुख्य रूप से माझा क्षेत्र से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में मालवा की सीट से चुनाव लड़कर पार्टी इस क्षेत्र में संगठन और राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास कर सकती है।
अगर अमृतपाल धूरी से चुनाव लड़ते हैं तो उनका मुकाबला मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र में होगा। इससे चुनावी मुकाबले को लेकर राजनीतिक चर्चा और बढ़ सकती है।
पहली बार विधानसभा चुनाव की तैयारी
2027 का विधानसभा चुनाव अकाली दल-वारिस पंजाब दे के लिए राज्य की विधानसभा राजनीति में पहली बड़ी चुनावी परीक्षा होगी। पार्टी की ओर से अमृतपाल सिंह को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर पेश किया जा चुका है। हालांकि पार्टी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह कुल कितनी विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।
पार्टी का फोकस शिरोमणि अकाली दल के पारंपरिक पंथक प्रभाव वाले क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक जगह बनाने के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में संगठन विस्तार पर भी है।
जेल में रहते जीता था खडूर साहिब लोकसभा चुनाव
अमृतपाल सिंह ने 2024 का लोकसभा चुनाव खडूर साहिब से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जेल में रहते हुए जीता था। चुनाव में उन्हें 4,04,430 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा को 2,07,310 वोट प्राप्त हुए थे। अमृतपाल ने 1,97,120 वोट के अंतर से जीत दर्ज की थी।
डिब्रूगढ़ जेल में बंद होने के कारण अमृतपाल खुद चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो सके थे। उनके परिवार और समर्थकों ने प्रचार की जिम्मेदारी संभाली थी। अब विधानसभा चुनाव में दो सीटों से उतरने की तैयारी उनके राजनीतिक सफर का अगला बड़ा चरण होगी।
