4161 मास्टर कैडर भर्ती मामला: प्रभावित शिक्षकों के हक में उतरा डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट
गढ़शंकर, 25 अक्टूबर: डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) पंजाब ने 4161 मास्टर कैडर शिक्षकों की भर्ती में से 253 शिक्षकों को भेजे गए टर्मिनेशन नोटिस रद्द करने और उन्हें इंसाफ देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों के साथ अन्याय हुआ तो डीटीएफ न्याय मिलने तक उनके संघर्ष में शामिल रहेगी।
इस संबंध में प्रेस से बातचीत करते हुए डीटीएफ के राज्य स्तरीय नेताओं मुकेश कुमार, सुखदेव डानसीवाल, विनय कुमार, जरनैल सिंह, जसविंदर सिंह, मनजीत सिंह बंगा, हंस राज गढ़शंकर, मनदीप सिंह, सतपाल सिंह कलेर और जसविंदर सिंह ने कहा कि ये शिक्षक पिछले तीन से साढ़े तीन वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं निभा रहे हैं।
नेताओं के अनुसार, हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ प्रोफेसरों द्वारा तैयार की गई उत्तर कुंजी रद्द किए जाने के बाद इन शिक्षकों को टर्मिनेशन नोटिस भेजे गए हैं। इसके विरोध में प्रभावित शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के गांव गंभीरपुर में पक्का मोर्चा लगाया हुआ है।
डीटीएफ नेताओं ने कहा कि एक ओर बेरोजगार शिक्षकों को रोजगार देने की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर पहले से सेवाएं निभा रहे शिक्षकों से रोजगार छीनना अनुचित है। उन्होंने शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को शिक्षकों के प्रति अमानवीय रवैया बताते हुए कड़ी निंदा की।
संगठन ने सरकार से मांग की कि शिक्षा विभाग में खाली पड़े हजारों पदों पर भर्ती करके बेरोजगारों को रोजगार दिया जाए और पहले से कार्यरत शिक्षकों के मामले का न्यायसंगत समाधान निकाला जाए।
नेताओं ने शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग से प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए टर्मिनेशन नोटिस रद्द करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षकों को इंसाफ नहीं मिला तो डीटीएफ उनके समर्थन में संघर्ष को और मजबूत करेगी।
