पट्टा मेहलोग, 24 जनवरी (तारा) :मेहलोग क्षेत्र में वैसे तो वर्ष भर बहुत से मेले आयोजित होते है परंतु ग्राम पंचायत कैंडोल के गांव तुझार में लखदाता पीर के मंदिर पर लगने वाले ऐतिहासिक मेले का अपना ही अलग महत्व है। यह मेला हर वर्ष माघ मास के 15 परविषटे को बड़े धूमधाम से आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 28 जनवरी को आयोजित किया जाएगा।
ग्राम पंचायत कैंडोल के प्रधान अनिल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस धार्मिक मेले का आयोजन पिछले लगभग 100 वर्षों से होता आ रहा है। गांव के मध्य लखदाता पीर का बहुत पुराना ऐतिहासिक व सुंदर स्थान है। लोग दूर-दूर से अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर लाला वाले पीर लख दाता के स्थान पर मनौती चढ़ाकर शीश नवाते हैं। यहां की मान्यता है कि जो लोग यहां कोई भी मन्नत मांगता है उसकी मनोकामना अवश्य ही पूर्ण होती है। मेले के दौरान यहां पर पुजारी द्वारा महिलाओं से मनौती अनुसार सात, नौ या ग्यारह बार जंदे (ताले) भी खुलवाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त मेले का मुख्य आकर्षण कुश्ती दंगल होता है। कुश्ती दंगल में हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ से नामी पहलवान अपने जौहर दिखाने पहुंचते। सभी पहलवानों को ग्राम पंचायत व मेला समिति द्वारा उचित पारितोषिक देकर सम्मानित किया जाता है।
फोटोकेप्शन: तुझार स्थित लाला वाले पीर का ऐतिहासिक मंदिर
