4 महीने में ही रोबोटिक सर्जरी के बढ़े दुगना दाम, हिम केयर में कब होगी कवर : जयराम ठाकुर

by

रोबोट के साथ है कंज्यूमेबल के खत्म होने पर भी यही यही रहेंगे दाम

चमियाना और आईजीएमसी में रोबोट सर्जरी के पैकेज में क्यों है असमानता

एएम नाथ। शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई और सिर्फ़ 4 महीने के अंदर ही रोबोटिक सर्जरी की फीस लगभग दोगुना कर दी गई। विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से सामने आई जानकारी में यह स्पष्ट हुआ है कि अटल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल चमियाना में जनरल वार्ड के पेशेंट की जो सर्जरी पहले 30 हजार रुपए में होती थी उसे बढ़ाकर ₹50000 कर दिया गया है। इसी तरह स्पेशल वार्ड के मरीजों से₹80000 लिए जा रहे हैं। आज आईजीएमसी में मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में यह बताया कि रोबोटिक सर्जरी के लिए जनरल वार्ड के मरीजों से 30 हजार और स्पेशल वार्ड के मरीजों से 50 हजार लिए जाएंगे। ऐसे में सवाल यह है कि एक ही शहर में स्थित सरकारी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के लिए दो तरह की फीस क्यों ली जा रही है? यह वित्तीय नियमों के भी अनुकूल नहीं है? या फिर आईजीएमसी में भी रोबोटिक सर्जरी की फीस सरकार बहुत जल्दी बढ़ना चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तमाम दस्तावेजों के आधार पर यह बात सामने आई है कि हर रोबोटिक सर्जरी मशीन के साथ-साथ सरकार द्वारा लगभग 200 सर्जरी के लिए ‘कंज्यूमेबल्स आइटम्स’ भी खरीदे गए थे। इसमें से ज्यादातर आइटम आइटम एक बार ही प्रयोग में ले जाते हैं। जिससे यह स्पष्ट है कि 200 सर्जरी के संसाधन प्रत्येक रोबोट के साथ हैं। उसके बाद रोबोटिक सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले कंज्यूमेबल्स खरीदने पड़ेंगे। डॉक्टर्स के अनुसार प्रति सर्जरी ऐसे कंज्यूमेबल्स का ही खर्च एक लाख से डेढ़ लाख रुपए होगा। ऐसे में मुख्यमंत्री यह भी स्पष्ट करें कि आगे जब रोबोट के साथ आए सभी कंज्यूमेबल्स खत्म हो जाएंगे तब भी रोबोटिक सर्जरी के दाम वही रहेंगे?
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बहुत पहले ही यह बात स्पष्ट की थी कि रोबोटिक सर्जरी को हिम केयर के दायरे में होगी। 4 महीनें से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन सरकार द्वारा ऐसा कोई शासकीय पत्र इस संबंध में जारी नहीं किया गया है। जिसकी वजह से प्रदेश की 90% आबादी जो कि हिम केयर अथवा आयुष्मान के दायरे में आती है उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही प्रदेश भर में हिम केयर के तहत ना तो लोगों को इलाज मिल रहा है और न ही समय पर दवाएं। इसका कारण है कि सरकार द्वारा अस्पतालों को दवाएं और सर्जिकल आइटम उपलब्ध कराने वाले वेंडर्स को हिम केयर का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी के कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति और भुगतान के लिए सरकार द्वारा क्या प्रावधान किया गया है इसके बारे में भी मुख्यमंत्री को बताना चाहिए।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

फल पौधशाला पंजीकरण और विनियमन की जानकारी देने को लगा प्रशिक्षण शिविर : नर्सरी उत्पादक गुणवत्तायुक्त फलदार पौधों का करें उत्पादन: केके भारद्वाज

रोहित भदसाली। ऊना, 20 सितंबर। बागवानी विभाग ऊना ने नर्सरी उत्पादकों को पौधशाला पंजीकरण और विनियमन को लेकर गहन जानकारी देने के लिए शुक्रवार को पशुपालन विभाग के सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री ने जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र को 141 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी : 18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र बेटियों और महिलाओं को 1500 रुपये सम्मान राशि आरंभ – मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू

पंचरुखी उप-तहसील को स्तरोन्नत कर तहसील में बदलने की घोषणा एएम नाथ / अजायब सिंह बोपाराय । जयसिंहपुर : प्रदेश की महिलाओं से विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वायदे को पूरा करते हुए राज्य...
article-image
हिमाचल प्रदेश

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का थुनाग में कार्यकर्ताओं से आह्वान : कांग्रेस के झूठे प्रचार का दें मुंहतोड़ जवाब

थुनाग में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 समापन कार्यकर्ताओं को ऊर्जा से भरते हुए दिया संगठन की मजबूती, सिद्धांतों और विचारधारा पर बल बोले, केंद्र की योजनाओं को जनता के बीच ले जाएं...
article-image
हिमाचल प्रदेश

पीएम नरेंद्र मोदी के संवाद कार्यक्रम का पंचायत स्तर पर होगा सीधा प्रसारणः डीसी

ऊना – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश में कोविड के दौरान बेहतरीन कार्य करने वाले हेल्थ वर्कर व मोटिवेटर से 6 सितंबर को वर्चुअल माध्यम से संवाद करेंगे, जिसका सीधा प्रसारण पंचायत स्तर पर...
Translate »
error: Content is protected !!