5 करोड़ की सुरक्षा दीवार ढही, छात्रों की जान पर मंडराया खतरा

by

बालूगंज में बनी रिटेनिंग वॉल एक साल में ध्वस्त, निर्माण पर उठे सवाल

समरहिल मार्ग पर खतरा बढ़ा, परीक्षा दे रहे छात्रों की सुरक्षा चिंता में

एएम नाथ। शिमला :  शिमला के बालूगंज क्षेत्र में शिव बावड़ी भूस्खलन के बाद बनाई गई सुरक्षा दीवार एक साल के भीतर ही ढह जाने से निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई यह दीवार शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे अचानक भरभराकर गिर गई। यह दीवार पिछले वर्ष दिसंबर में ही पूरी हुई थी, लेकिन इतनी कम अवधि में इसके गिरने से संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
घटना के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो गई जब बालूगंज से समरहिल चौक की ओर जा रही एक निजी बस वहां से गुजर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दीवार का एक हिस्सा पहले से ही कमजोर हो चुका था और लगातार छोटे-बड़े पत्थर तथा मलबा गिर रहा था। अचानक मलबा गिरने से सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है।
यह मार्ग हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय जाने वाले हजारों छात्रों और कर्मचारियों के लिए मुख्य रास्ता है। वर्तमान में विश्वविद्यालय की यूजी परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसी मार्ग से गुजरते हैं। दीवार के गिरने के बाद छात्रों को जान जोखिम में डालकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दीवार का निर्माण जल्दबाजी में किया गया और तकनीकी मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया होता तो इतनी जल्दी यह स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल मौके का निरीक्षण करने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति का आकलन किया जा रहा है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इसी स्थान पर 14 अगस्त 2023 को हुए भूस्खलन में शिव बावड़ी मंदिर में 20 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद यह सुरक्षा दीवार बनाई गई थी। अब इसके गिरने से एक बार फिर क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

पहाड़ी बोली का संरक्षण अत्यंत जरूरी: एसडीएम सौमिल गौतम

धर्मशाला, 01 नवंबर। एसडीएम कांगड़ा सौमिल गौतम ने कहा कि पहाडी भाषा के संरक्षण संवंर्धन हेतु स्कूली स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम करवाने चाहिए ताकि पहाड़ी बोली को अलग पहचान दिलाई जा सके। बुधवार को...
article-image
हिमाचल प्रदेश

22 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित करे प्रदेश सरकार, राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्टा पूरे देश के लिए हर्ष और गर्व का विषय – जनमंच बंद करके सरकार आपके द्वारा चला रही है और अधिकारियों को धमका रही : जयराम ठाकुर

हिमाचल प्रदेश के सभी मंदिरों और घरों में मनाया जाएगा दीपोत्सव एएम नाथ। मण्डी :    पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल सरकार से कहा कि 22 जनवरी को भव्य राम...
article-image
हिमाचल प्रदेश

शिमला से जुड़ी हस्तियां’ मानचित्र का मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया लोकार्पण

शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाषा एवं संस्कृति विभाग के पूर्व सहायक निदेशक त्रिलोक सूर्यवंशी द्वारा तैयार किए गए ‘शिमला से जुड़ी हस्तियां’ मानचित्र का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि शिमला...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

स्कूल बस से गिरी 9 साल की मासूम बच्ची, टायर की चपेट में आने से दर्दनाक मौत एएम नाथ। ऊना

  एएम नाथ। ऊना : जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा के भलेती में एक स्कूल बस से तीसरी कक्षा की छात्रा गिर गई। बस के टायर की चपेट में आने से 9 वर्षीय छात्रा...
Translate »
error: Content is protected !!