नई दिल्ली। शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले हंगामा हुआ। जंतर-मंतर के चारों तरफ बैरिकेडिंग है।संसद मार्च के दौरान पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक पहुंचे प्रदर्शनकारियों को लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया गया।
सोमवार को हुई हिंसा में 50 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक कर्मी घायल हुए, जिनमें लगभग 10 आईपीएस और डीएएनआईपीएस अधिकारी शामिल हैं। पुलिस हिंसा के संबंध में कई मामले दर्ज कर रही है। पुलिस ने आज विभिन्न स्थानों से कई प्रदर्शनकारियों व हिंसा में शामिल लोगों को हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य व्यक्तियों की पहचान करेगी।
पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को विरोध स्थल से हटा दिया है। संसद मार्च को आंसू गैस व लाठीचार्ज से रोका गया था। प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पर फिर जमा हुए, नेता ने डटे रहने की बात कही। सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल का मंच भी हटा दिया गया। सीपी/पीआरओ राजीव रंजन ने कहा, जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्लेटफॉर्म के जरिए अफवाहों, गलत जानकारी या बिना पुष्टि वाली सामग्री पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं। नागरिकों से अनुरोध है कि वे जानकारी के लिए केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें और शांति, सद्भाव व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करें।
दिल्ली पुलिस के एडिशनल सीपी/पीआरओ राजीव रंजन ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने, संयम बरतने और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील करती है। सभी लोगों से अनुरोध है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से व्यवहार करें, किसी भी गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों या कर्मियों के कानूनी निर्देशों का पालन करें।
सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल जारी रखी : कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को घोषणा की कि वे अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के “संसद चलो” मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने उन्हें तब तक भूख हड़ताल जारी रखने के लिए प्रेरित किया है जब तक कि युवा नेताओं को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या उन्हें अस्पताल से ही उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती। सफदरजंग अस्पताल से जारी एक बयान में वांगचुक ने कहा, “शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस क्रूरता से व्यवहार किया जा रहा है, उसे देखकर मैंने फैसला किया है कि मैं तब तक अपनी भूख हड़ताल जारी रखूंगा जब तक कि युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या मुझे यहां अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती।”
