532 किलो हेरोइन मामले का मुख्य आरोपी शेरा के पुर्तगाल से पकड़ कर भारत लौटी NIA

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अमृतसर : राष्ट्रीय जांच एजेंसी  ने पाकिस्तान समर्थित नशा और आतंक मॉड्यूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से भारत लाकर गिरफ्तार कर लिया है।

लंबे समय तक चली कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया के बाद शेरा को भारत लाने में सफलता मिली।

NIA की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार शेरा को पुर्तगाल से भारत लाया गया, जहां से दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। बताया गया है कि वह वर्ष 2020 में भारत से फरार हो गया था।

जांच एजेंसी के अनुसार शेरा नशा और आतंक से जुड़े एक बड़े मामले का मुख्य साजिशकर्ता है। उस पर पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते हेरोइन की तस्करी कराने, हवाला नेटवर्क के जरिए धन पहुंचाने और आतंक गतिविधियों को सहायता देने के आरोप हैं।

अमृतसर का रहने वाला है शेरा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच में सामने आया कि अमृतसर निवासी शेरा ने पंजाब में एक संगठित गिरोह तैयार किया था। यह गिरोह बड़े स्तर पर हेरोइन की तस्करी, धन इकट्ठा करने और रकम को पाकिस्तान तथा कश्मीर में सक्रिय आतंकियों तक पहुंचाने का काम करता था। जांच एजेंसी का दावा है कि शेरा के पाकिस्तान स्थित आतंक संचालकों से सीधे संबंध थे।

एजेंसी के अनुसार शेरा ने भारत विरोधी साजिश को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब में कई लोगों का नेटवर्क बनाया था। वह नशे की खेप को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उससे मिलने वाली रकम को हवाला के जरिए भेजने का काम संभालता था।

जांच में यह भी सामने आया कि उसने कई अचल संपत्तियां खरीदी थीं, जिनका उपयोग छिपने के ठिकानों के रूप में किया जा रहा था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी अब उसकी संपत्तियां जब्त करने की तैयारी में है।

जानें क्या था मामला

शेरा का नाम 532 किलो हेरोइन बरामदगी मामले में भी मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया था। जांच एजेंसियों के अनुसार वह हेरोइन की खेप को अलग-अलग स्थानों तक सुरक्षित पहुंचाने और नेटवर्क को संचालित करने में अहम भूमिका निभाता था।

यह मामला अप्रैल 2020 में अमृतसर के सदर थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। पंजाब पुलिस ने हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े एक जमीनी सहयोगी हिलाल अहमद शेरगोजरी को गिरफ्तार किया था, जिसके पास से 29 लाख रुपये की नशा तस्करी की रकम बरामद हुई थी। आगे की जांच में पंजाब स्थित गिरोह के अन्य सदस्यों से 32 लाख रुपये और बरामद किए गए थे।

मई 2020 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इसके बाद एजेंसी लगातार इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने और फरार आरोपियों को पकड़ने में जुटी हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और आने वाले समय में और खुलासे हो सकते हैं।

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