6-6-6 Walking Rule: जो मोम की तरह गला सकता है पेट की चर्बी, 50 की उम्र में भी नजर आएंगे 30 जैसे

by
बढ़ते वजन को कंट्रोल करने और शरीर को फिट बनाए रखने के लिए पैदल चलना सबसे अच्छा व्यायाम माना जाता है. कहते हैं कि रोजाना 10 हजार कदम चलने से मोटापा पास भी नहीं फटक सकता है और यह काफी हद तक सच भी है।
इसके शारीरिक और मानसिक कई तरह के फायदे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल पैदल चलना ही काफी नहीं है बल्कि सही ढंग से चलना बहुत जरूरी है. हेल्थ एक्सपर्टों के मुताबिक पैदल चलने के लिए 6-6-6 के फॉर्मूले का पालन करना चाहिए. यह फॉर्मूला न केवल बढ़ी हुई चर्बी को घटा देता है बल्कि शरीर पर मोटापा चढ़ने नहीं देता.
6-6-6 चलने का नियम क्या है?
अपने नाम के अनुरूप पैदल चलने का 6-6-6 का फॉर्मूला छह संख्या के इर्द-गिर्द घूमता है. यह लंबे समय तक स्वस्थ और फिट रहने का एक सरल लेकिन शक्तिशाली तरीका है. पैदल चलने के 6-6-6 के नियम का मतलब है सुबह 6 बजे या शाम 6 बजे 60 मिनट तक पैदल चलना. इसमें वॉक से पहले छह मिनट का वार्म-अप और उसके बाद छह मिनट का कूल-डाउन भी शामिल होता है. इस फॉर्मूले से डेली वॉक करने के कई फायदे हैं, जो इस प्रकार हैं-
6-6-6 फॉर्मूले से पैदल चलने के फायदे
सुबह 6 बजे टहलना
इस फॉर्मूले के तहत यदि आप सुबह 6 बजे पैदल वॉक का विकल्प चुनते हैं तो इससे आपको ऊर्जावान होने में मदद मिलती है. साथ ही आपकी पाचन शक्ति बेहतर हो जाता है, जिससे पेट भी सही रहता है. यह बाहर निकली तोंद को सही शेप में लाने में मदद करता है. हालांकि सुबह जल्दी उठना हर किसी के लिए संभव नहीं होता लेकिन अगर आप दृढ निश्चय कर लें तो ऐसा कर सकते हैं.
समय न मिले तो शाम को घूमना 
अगर आप सुबह जल्दी नहीं उठ पाते तो शाम 6 बजे पैदल सैर का विकल्प चुन सकते हैं. यह विकल्प उन लोगों के लिए खासा फायदेमंद रहेगा, जो दिन भर सिटिंग जॉब करते हैं. ऐसे में एक घंटे की पैदल सैर आपको फिट रखने और शरीर के सारे अंगों को सक्रिय रखने में अहम भूमिका निभाती है. इससे शरीर में हैप्पी हॉर्मोन बढ़ता है.
चर्बी का गलना 
हर दिन 60 मिनट तक पैदल चलना आपके शरीर के लिए काफी फायदेमंद है. इससे शरीर की चर्बी को गलाने में मदद मिलती है. यह हृदय के साथ-साथ फेफड़ों के स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देता है. साथ ही आपकी सहनशक्ति और सहनशक्ति को भी बढ़ाता है. ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन के अनुसार, रोजाना 30-60 मिनट की सैर मांसपेशियों को मजबूत करती है और बीमारियों का जोखिम घटा देती है.
मानसिक स्वास्थ्य में सुधार 
रोजाना कसरत करना या एक घंटे तक पैदल चलने से केवल शरीर ही फिट नहीं होता बल्कि इसेस मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है. कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि हुई है कि व्यायाम करने से तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिल सकती है. इससे मानसिक अवसाद से मुक्ति मिलती है. इस फॉर्मूले पर काम करना शुरू में तो मुश्किल नजर आता है लेकिन यदि आप मन पक्का कर लें तो काम आसान हो जाता है।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

पंजाब विधानसभा में 30 दिसंबर को विशेष सत्र: साहिबजादों को नमन के बाद मनरेगा में बदलाव पर होगी बहस

चंडीगढ़। पंजाब सरकार द्वारा बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र (30 दिसंबर) में साहिबजादों बाबा फतेह सिंह और बाबा जोरावर सिंह की शहादत को नमन किया जाएगा। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा ‘मनरेगा’ का...
article-image
पंजाब

इंकलाबी डाक्टर भाग हाल में मनाया रूस क्रांतिकारी दिवस

गढ़शंकर। स्थानीय इंकलाब डाक्टर भाग हाल में रूस क्रंतिकारी दिवस मनाया गया। जिसमें सीपीआईएम के तहसील सैक्रटेरी हरभजन सिंह अटवाल ने कहा कि रूस दुनिया का पहला समाजवादी राज्य 105 वर्ष पहले वहां इंक्लाबी...
article-image
पंजाब

कनाडा में भारतीय मूल के 28 वर्षीय युवक की हत्या : ब्रिटिश कोलंबिया गैंगवार से जुड़ा मामला

वर्नाबी (कनाडा): कनाडा में शनिवार को भारतीय मूल के एक युवक की हत्या से सनसनी फैल गई है। वैंकूवर की एक पत्रकार के अनुसार यह हत्या ब्रिटिश कोलंबिया के बर्नाबी शहर में हुई गोलीबारी...
article-image
दिल्ली , पंजाब , समाचार , हरियाणा

गुलजार सिंह की मौत पर पंजाब में सियासी घमासान, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा; केजरीवाल का पलटवार

चंडीगढ़ : गुलजार सिंह की मौत के मामले को लेकर पंजाब में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए आम आदमी पार्टी सरकार...
Translate »
error: Content is protected !!