70 सीटें, 246 सांसद : दिल्ली की गलियों में घूम रहे सांसद-कैसे काम कर रहा बीजेपी का माइक्रो मैनेजमेंट?

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नई दिल्ली।  दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार में बीजेपी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी है। कल शनिवार और आज एनडीए के लगभग 246 सांसदों ने दिल्ली में विभिन्न मंडलों में जाकर आज वोट मांगा और प्रचार किया।
 एनडीए के सभी सांसदों को इस हफ्ते अपने क्षेत्र में ना जाकर दिल्ली में रुकने और प्रचार में लगने की अपील जेपी नड्डा ने की थी।   दिल्ली में एनडीए उम्मीदवारों के लिए प्रचार और वोट मांगने वाले दलों में प्रमुख रूप से बीजेपी के अलावा, जेडीयू, शिवसेना, एलजेपी और टीडीपी के सांसद शामिल हैं. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 31 दिसंबर को दोपहर में संसद परिसर में एनडीए सांसदों की बैठक कर उनसे दिल्ली में प्रचार के लिए सबसे छोटी इकाई मंडल स्तर पर जाकर बीजेपी और एनडीए के सांसदों को वोट मांगने की अपील की थी।
नड्डा की अपील के बाद सांसदों की लगाई गई ड्यूटी
सांसदों से नड्डा की अपील के बाद इन सभी सांसदों को कोऑर्डिनेट करने और उनके लिए उपयुक्त विधानसभा क्षेत्रों के मंडलों में ड्यूटी लगाई गई. इन सभी सांसदों को कोऑर्डिनेट करने के लिए दिल्ली बीजेपी के जिला अध्यक्ष स्तर के 5-6 लोगों को लगाया गया है जो पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में बैठकर स्टेट वाइज डेमोग्राफी की सूची के आधार पर सांसदों को उपयुक्त मंडल में स्थानीय नेताओं के साथ उस इलाके में भेज रहे हैं।
दिल्ली की गलियों में घूम रहे सांसद
मिली जानकारी के मुताबिक इन सभी सांसदों को उनके प्रदेश की बहुलता वाली आबादी के इलाकों अथवा मंडलों को चिन्हित कर उसमें काम पर लगाया गया है. कहीं-कहीं 1 मंडल में दो-दो एनडीए सांसदों की ड्यूटी लगाई गई है और बीजेपी के बूथ लेवल कार्यकर्ता और विस्तारक उनको लेकर दिल्ली के गलियों में जा रहे हैं. माइक्रो मैनेजमेंट इस स्तर का किया गया है कि यदि दिल्ली के किसी मंडल में छपरा के रहने वाले वोटर हैं तो वहां छपरा, सिवान और महाराजगंज के सांसदों को वोट मांगने के काम में लगाया गया है।
प्रचार के लिए अब केवल दो दिन का समय
दिल्ली में विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए अब केवल दो दिन का समय बचा हुआ है. नियमानुसार वोटिंग से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार थम जाएगा. ऐसे में बीजेपी अब प्रचार के आखिरी दौर में कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रही है. यही वजह है कि बीजेपी पूरी ताकत के साथ लोगों के बीच में जा रही है और एक-एक वोटरों को जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला
इस बार के विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है. आम आदमी पार्टी को बीजेपी से तो टक्कर मिल ही रही है, लेकिन कांग्रेस से भी उसको सियासी हमलों का सामना करना पड़ रहा है. खुद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई बड़े नेता प्रचार करते हुए नजर आ चुके हैं. अब देखना है कि 5 फरवरी को वोटिंग के बाद 8 फरवरी को आने वाले नतीजे क्या कहते हैं?
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