एएम नाथ। शिमला, 15 अगस्त: हिमाचल प्रदेश में 80वां स्वतंत्रता दिवस आज लोक भवन में हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान लोक भवन में तैनात पुलिस गार्ड ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया और राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण किया। लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी समारोह में उपस्थित रहीं।
राज्यपाल ने प्रदेश और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम के सभी सेनानियों और देश की एकता-अखंडता तथा सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 भारत के इतिहास का गौरवशाली अध्याय है, जो अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और समर्पण से संभव हुआ।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का राष्ट्रीय पर्व है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
विकसित भारत के लक्ष्य में हिमाचल की महत्वपूर्ण भूमिका
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्पष्ट दृष्टि, दृढ़ नीतियों और नए आत्मविश्वास के साथ विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की भावना के अनुरूप देश रक्षा क्षेत्र में भी अपनी क्षमता और आत्मनिर्भरता को लगातार मजबूत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश आगे बढ़ रहा है। हिमाचल प्रदेश भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधनों और मेहनतकश जनता की क्षमता के बल पर इस राष्ट्रीय प्रयास में पूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल का विकास समावेशी और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ होना चाहिए। उन्होंने प्रदेशवासियों से सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और सभी वर्गों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
युवाओं से नशामुक्त हिमाचल के लिए आगे आने की अपील
राज्यपाल ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उनसे नवाचार, उद्यमिता, शिक्षा, खेल और जनसेवा के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और ‘नशा मुक्त हिमाचल’ अभियान से पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुड़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संवेदनशील पारिस्थितिकी और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर ही प्रदेश को वास्तव में आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाया जा सकता है।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर पट्टिका का अनावरण
समारोह के दौरान राज्यपाल ने लोक भवन में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय की स्मृति में एक पट्टिका का अनावरण भी किया। पट्टिका पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छंद अंकित हैं।
राज्यपाल ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में विशेष और गौरवपूर्ण स्थान रहा है। यह राष्ट्रीय गीत आज भी देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को प्रेरित करता है।
समारोह के अंत में राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश और पूरे देश की शांति, प्रगति एवं समृद्धि की कामना की तथा प्रदेशवासियों से एक मजबूत, सुरक्षित, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दोहराने का आह्वान किया। राज्यपाल ने लोक भवन के कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मिठाइयां भी वितरित कीं।
