नवांशहर : नवांशहर में ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक फिर से शुरू होने से रोजाना काफी संख्या में लोग रोजाना टेस्ट के लिए पहुंच रहे हैं। जबकि रोजाना पहले 10 से 15 के बीच लोग पहुँचते थे । लेकिन अब बैकलॉग के कारण संख्या गई है।
जिक्रयोग विजिलेंस विभाग की तरफ से 07 अप्रैल को ड्राइविंग टैस्ट कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद बंद पड़ा टेस्ट ट्रैक दो महीने बाद जून महीने में फिर से चालू हो गया था, जिससे लोगों को बढ़ी राहत मिली है। पिछले महीनों से ट्रैक पर टैस्ट देने वालों में अधिकतर वही लोग हैं जिनका टैस्ट ट्रैक बंद होने के कारण नहीं हो पाया था। ट्रैक बंद होने से बैकलॉग लगातार बढ़ता चला गया और कई लोगों के लाइसेंस भी एक्सपायर हो गए। हालात ये थे कि लोग कार्यालय में काम शुरू होने के बारे में पूछने तक भी नहीं आते थे और बस स्टैंड के गेट से ही काम शुरू हुआ या नहीं पूछकर वापस लौट जाते थे।
लेकिन काम शुरू होने पर अब लोगों को बढ़ी राहत मिली है और रोजाना टैस्ट ट्रैक पर लोगों की भीड़ लगी रहती है। उधर लाइसेंस आदि अप्लाई करने में सहायक करने वाले लोगों का कहना है कि ट्रैक बंद होने के बाद जिन लोगों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बन चुके थे उनके पक्के लाइसेंस बनने के टैस्ट नहीं हो पा रहे थे, लेकिन अब टैस्ट ट्रैक चलने से लोगों को काफी राहत मिली है और अब काम ने भी रफ्तार पकड़ी है।
रोड सेफ्टी अवेयरनेस सोसायटी के सदस्य हरपरभ महल सिंह ने कहा कि जिस तरह पिछ्ला कदम उठाने से पहले अगला कदम जमीन पर रखना जरूरी होगा है, वैसे ही चाहिए तो ये था कि जिस दिन ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई, उससे अगले दिन ही नए कर्मचारियों की वहां नियुक्ति की जानी चाहिए थी। जागरूकता व कार्रवाई के साथ-साथ जरूरी है कि हम अपनी व्यवस्था को भी दुरुस्त रखें।
