मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के दलितों पर दिए बयान के बाद कांग्रेस में छिड़ी अंदरूनी खींचतान की स्थिति बनी हुई है. इस बीच कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने राज्य के नेताओं को कहा है कि जाती- धर्म की राजनीति की आग से नहीं खेलें और जो इससे खेलेगा वो खुद ही इसमें जल जाएगा।
दरअसल, अमरिंदर सिंह ने चरणजीत सिंह चन्नी का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के नेताओं को जाती धर्म और लोगों को बांटने वाली राजनीतिक बातें नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इस तरह की राजनीति भारतीय जनता पार्टी करती है न कि कांग्रेस।
चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर क्या कहा?
वहीं चरणजीत सिंह चन्नी के बयान कि पंजाब कांग्रेस में दलित नेताओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर बोलते हुए राज्य कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चन्नी को कांग्रेस ने पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया बावजूद इसके कि उस वक्त चन्नी के समर्थन में एक भी विधायक नहीं था और पार्टी केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया।
बता दें पंजाब कांग्रेस में खींचतान लगातार बढ़ती जा रही है. पार्टी के 35 नेताओं ने केंद्रीय नेताओं को चिट्ठी लिखकर मिलने का समय मांगा है. चिट्ठी लिखने वाले चन्नी के समर्थक हैं जिनमें कुछ पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक भी हैं।
चन्नी के समर्थन में आए ये नेता : वहीं पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु, पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों और पूर्व विधायक इंद्रवीर सिंह बोलारिया ने चन्नी का समर्थन किया है और कहा है कि उन्होंने कुछ गलत बात मीटिंग में नहीं कही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा का मूल ही सामाजिक न्याय और सबको सही प्रतिनिधित्व है तो चन्नी ने मीटिंग में कोई गलत बात नहीं बोली है।
तीनों नेताओं ने बयान में कहा कि जानबूझ कर चन्नी की बातों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है और पहले भी दलितों और जट्ट सिखों में मतभेद करवाने की कोशिश की गई है।
