आप सरकार के प्रचार पोस्टर चमके, अध्यापक तनख्वाहों को तरसे : कर्ज़े, किस्तें और जुर्माने, सरकार की नाकामी का भार अध्यापकों पर – डीटीएफ

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गढ़शंकर, 16 मार्च :  डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब के प्रदेश प्रधान विक्रम देव सिंह, जनरल सेक्रेटरी महिंदर कौरियांवाली, वित्त सचिव अश्वनी अवस्थी, प्रदेश संयुक्त सचिव मुकेश कुमार, ज़िला होशियारपुर के प्रधान सुखदेव डानसीवाल ने पत्रकारों से कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा बजट की कमी के कारण पंजाब के हजारों अध्यापक अपनी तनख्वाहों का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार लाखों-करोड़ों रुपये का कर्ज़ लेकर शिक्षा क्रांति के नाम पर स्कूल शिक्षा विभाग की नियमित माता-पिता-अध्यापक बैठकों को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करते हुए बड़े स्तर पर विज्ञापनबाज़ी कर रही है, जबकि दूसरी तरफ ज़िला अधिकारियों द्वारा डीडीओज़ (ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर्स) को तनख्वाहों के लिए आवश्यक बजट जारी नहीं किया जा रहा।

उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब में अध्यापकों को समय पर तनख्वाह नहीं मिल रही क्योंकि मुख्य दफ्तर की ओर से बजट अलॉट नहीं हुआ और ज़िला अधिकारियों के पास हर बार एक ही जवाब होता है कि “बजट हेडक्वार्टर से नहीं मिला। उन्होनों  ने कहा कि तनख्वाहों में हो रही इस बेवजह देरी के कारण अध्यापकों को घरेलू ज़रूरतें पूरी करने में गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें बैंकों से लिए गए कर्ज़ों की किस्तों के भुगतान में हो रही देरी के कारण उन पर जुर्माने लग रहे हैं, जिससे वे आर्थिक और मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार शिक्षा क्रांति के बड़े दावे करती है, लेकिन दूसरी तरफ अध्यापकों को समय पर तनख्वाह न दे पाना सरकार की वित्तीय कमजोरी और प्रशासनिक लापरवाही को बेनकाब करता है। डीटीएफ के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता अध्यापकों की भलाई नहीं बल्कि केवल प्रचार है। उन्होंने मांग की कि तुरंत सभी बकाया बजट जारी करके अध्यापकों की तनख्वाहों का भुगतान किया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो इसके लिए पक्का और योजनाबद्ध बजट प्रबंध किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार दफतरी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई की जाए ताकि अध्यापक वर्ग को बार-बार बेवजह परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस दौरान ज़िला सचिव इंदर सुखदीप सिंह ओडरा, मनजीत सिंह दसूहा, ज़िला नेताओं बलजीत सिंह, रजिंदर कुमार हेजमा, संजीव कलसी, राकेश कुमार, मनजीत सिंह फतेहपुर, अशनी कुमार, विनय कुमार, मनजीत सिंह, जरनैल सिंह, कर्नैल सिंह खानपुर, प्रवीण कुमार और खुशविंदर कौर आदि मौजूद थे।
फोटो : डीटीएफ के प्रदेश संयुक्त सचिव मुकेश कुमार, ज़िला होशियारपुर के प्रधान सुखदेव डानसीवाल व अन्य बकाया बजट जारी कर अध्यापकों की तनख्वाहों को देने की मांग करते हुए।

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