MLA सत्ती ने रिश्वत लेते पकड़े तहसीलदार को दी सेवा विस्तार का उठाया था मुद्दा : सेवा विस्तार पाए कर्मचारियों की सेवाएं होंगी खत्म

by

एएम नाथ : शिमला । हिमाचल प्रदेश सरकार ने संवेदनशील पदों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन प्रश्नकाल के दौरान घोषणा की है कि ओडीआई सूची में शामिल ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत उनके पदों से हटाया जा रहा है।

इसके साथ ही, जिन लोगों को सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) के बाद संवेदनशील पदों पर तैनाती दी गई है, उनकी सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाएंगी। यह मामला उस समय उठा जब ऊना सदर के  विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने अपने क्षेत्र से जुड़ा मुद्दा विधानसभा में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तहसीलदार, जो रिश्वत के मामले में पकड़ा गया था, उसे सरकार ने सेवा विस्तार देकर फिर से तैनात कर दिया। उन्होंने कहा कि इसको लेकर स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में ऐसी नियुक्तियां की जा रही हैं, जिनके जरिए जमीनों के मामले प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में बताया कि फिलहाल ओडीआई सूची में शामिल तीन अधिकारी संवेदनशील पदों पर तैनात पाए गए हैं और सरकार ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया है। इनमें विजय कुमार राय, तहसीलदार युद्धवीर सिंह ठाकुर (ओएसडी) और राय बहादुर सिंह नेगी शामिल हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में दो कर्मचारी ओडीआई सूची से बाहर भी आए हैं, जिनमें महेंद्र लाल (वरिष्ठ सहायक) और राय बहादुर नेगी (रीडर) शामिल हैं।

इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकार से ओडीआई सूची मांगी है, लेकिन मुख्यमंत्री ने सदन में केवल तीन नामों का ही जिक्र किया है। उन्होंने पूछा कि क्या यही सूची अदालत में पेश की जाएगी या इसमें और नाम भी शामिल हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास फिलहाल पूरी जानकारी नहीं है और यदि विपक्ष के पास अन्य नाम हैं तो वे सरकार को दें, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा में एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में विभिन्न मामलों की जांच के लिए राज्य सरकार ने कुल दस जांच समितियां गठित की थीं, जिनमें से नौ अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई भी की गई है।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2025 तक सरकार ने विभिन्न विभागों में कुल 25 मंत्रिमंडलीय उप समितियां बनाई थीं, जिनका उद्देश्य अलग-अलग प्रशासनिक और नीतिगत मामलों की समीक्षा करना है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में एक विशेष कैबिनेट उप समिति भी बनाई गई है, जो मंत्रिमंडल के लागू और लंबित फैसलों की समीक्षा कर रही है। इस समिति ने 31 दिसंबर 2024 तक के फैसलों की समीक्षा पूरी कर ली है, जबकि 1 जनवरी 2025 से 30 जून 2025 तक के फैसलों की समीक्षा अभी जारी है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

चिंतपूर्णी मंदिर क्षेत्र में हटेंगे बिजली के खंबे, 2.96 करोड़ से भूमिगत होंगी बिजली की तारेंः डीसी

ऊना 23 फरवरीः चिंतपूर्णी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण की दिशा में एक और कदम उठाते हुए मंदिर न्यास बाबा माई दास सदन से लेकर चिंतपूर्णी मंदिर तक बिजली की एलटी लाइनों को भूमिगत करने...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर धर्मशाला में किया ध्वजारोहण : युवाओं को रोजगार के नजरिये से 500 परमिट किए जाएंगे जारी: मुकेश

 हिमाचल को हरित राज्य बनाने को प्रयासरत सरकार :  जल मिशन का अधूरा कार्य 31 मार्च 2024 तक कर लिया जाएगा पूर्ण धर्मशाला, 15 अगस्त। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने धर्मशाला में उपायुक्त कार्यालय परिसर...
article-image
हिमाचल प्रदेश

राज्यपाल ने सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन कॉलेज ऑफ एजुकेशन नोगली में स्नातक पाठ्यक्रमों का किया शुभारम्भ

ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया बल एएम नाथ। शिमला : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी भी...
article-image
हिमाचल प्रदेश

*79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष पर बड़ाग्रां में विधायक बैजनाथ किशोरी लाल ने की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत*

एएम नाथ।  बैजनाथ,15 अगस्त :  79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष पर विधानसभा क्षेत्र बैजनाथ की तहसील मुल्थान के बड़ाग्रां में देवा क्लब द्वारा आयोजित मेले के समापन समारोह में विधायक बैजनाथ किशोरी लाल ने...
Translate »
error: Content is protected !!