नासिक के भाेंदूबाबा अशोक खरात के काले साम्राज्य की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं। अंधविश्वास की आड़ में महिलाओं का यौन शोषण करने के आरोपी खरात को कोर्ट ने 29 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
फिलहाल, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) उससे कड़ी पूछताछ कर रही है, जिसमें हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
मोबाइल जब्त, शिवानिका के खातों पर शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT ने खरात का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से फोन का डेटा रिकवर किया जा रहा है। जांच टीम को उम्मीद है कि इस डिवाइस में कई पीड़ित महिलाओं के वीडियो, चैट्स और अन्य डिजिटल सबूत मिल सकते हैं, जो खरात को सलाखों के पीछे भेजने के लिए पर्याप्त होंगे।
इतना ही नहीं, खरात के ‘शिवानिका’ संगठन से जुड़े सभी बैंक खातों को सील कर दिया गया है। SIT अब उसकी संपत्तियों का कच्चा चिट्ठा खंगाल रही है। पंजीकरण विभाग को राज्य भर में खरात और उसके परिवार के नाम दर्ज जमीन, मकान और व्यावसायिक संपत्तियों की तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं। अंदेशा है कि ढोंग के इस धंधे से उसने करोड़ों की बेनामी संपत्ति खड़ी की है।
खरात की अजीब दलीलें, कहा- अंतरात्मा ने दिया धोखा : SIT की पूछताछ के दौरान अशोक खरात ने खुद को बचाने के लिए बेहद अजीबोगरीब दावे किए हैं। सूत्रों के अनुसार, उसने जांच अधिकारियों से कहा कि “मेरी अंतरात्मा ने मुझे धोखा दिया है; मैं जिनका भला करना चाहता था, आज वही मेरे खिलाफ खड़े हैं।” महिलाओं के साथ किए गए कृत्य पर बेशर्मी से सफाई देते हुए उसने दावा किया कि वे सब “एक विशेष अनुष्ठान का हिस्सा” थे। उसने जबरदस्ती के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसने किसी के साथ कोई जो-जबरदस्ती नहीं की। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस कस्टडी में होने के बावजूद खरात लगातार मंत्रों का जाप कर रहा है।
हथियार लाइसेंस और कारतूसों का रहस्य : जांच में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब खरात के पास से एक लाइसेंसी हथियार बरामद हुआ। रिकॉर्ड्स के मुताबिक, यह लाइसेंस नासिक जिला प्रशासन द्वारा 15 अक्टूबर 2012 को जारी किया गया था और हाल ही में 1 जनवरी 2024 को इसे रिन्यू भी कराया गया था। खरात के फार्महाउस से 21 कारतूस मिले हैं, जिनमें से 5 कारतूसों का इस्तेमाल किया जा चुका था। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये गोलियां कहां और किस पर चलाई गईं? फिलहाल प्रशासन ने उसका हथियार लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पीड़ितों के न्याय की उम्मीद : नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। SIT अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस घिनौने खेल में खरात के साथ और कौन-कौन शामिल था। अगले 2-3 दिनों में जांच की रफ्तार और तेज होने की संभावना है, जिससे कई रसूखदार नाम भी घेरे में आ सकते हैं।
