चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब में खनन क्षेत्र को पारदर्शी, व्यवस्थित और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री मान की सोच के अनुरूप सरकार ने माइनिंग साइट्स के लिए नया ऑक्शन सिस्टम लागू किया है, जिससे वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं पर लगाम लगाई जा सके।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हो, ताकि इसका सीधा लाभ आम जनता को मिले. इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए नई खनन नीति तैयार की गई है, जिसमें फर्जी बोली लगाने वालों, लॉटरी सिस्टम की खामियों और राजस्व नुकसान जैसी समस्याओं को खत्म करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत प्राइस-बेस्ड बिडिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे सरकार को स्थिर और सुनिश्चित राजस्व प्राप्त होगा. इसके साथ ही बोली जीतने वाले पक्ष को अग्रिम रॉयल्टी जमा करनी होगी और पर्यावरण मंजूरी की जिम्मेदारी भी उसी की होगी. इससे पूरी प्रक्रिया तेज, जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच के चलते माइनिंग लीज की अवधि को भी बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया है. इससे निवेशकों को स्थिरता मिलेगी और खनन कार्य बिना रुकावट के आगे बढ़ सकेगा. यह फैसला राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस नई नीति को जमीनी स्तर पर लागू करते हुए ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया शुरू की, जिसमें कई माइनिंग साइट्स सफलतापूर्वक आवंटित की गईं और राज्य को अच्छा राजस्व प्राप्त हुआ. यह इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पारदर्शी व्यवस्था न केवल संभव है बल्कि प्रभावी भी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में उठाए गए इन कदमों से रेत जैसी जरूरी निर्माण सामग्री की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे आम लोगों और निर्माण क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा. साथ ही अवैध खनन पर सख्त नियंत्रण स्थापित होगा।
डिजिटल सिस्टम और नई नीतियों के जरिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पंजाब में खनन क्षेत्र पूरी तरह पारदर्शी, आधुनिक और जनकल्याणकारी बने. यह पहल उनके उस संकल्प को दर्शाती है, जिसमें वे राज्य के संसाधनों को जनता की भलाई और प्रदेश की प्रगति के लिए समर्पित करना चाहते हैं।
यह सुधार केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें वे पंजाब को भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और आर्थिक रूप से मजबूत राज्य बनाने के लिए निरंतर ठोस फैसले ले रहे हैं।
