फर्जी आंकड़ों” के सहारे सच छिपाने का आरोप, जोगिन्द्रा बैंक विवादों में : एनपीए आंकड़ों में हेरफेर का दावा, हाईकोर्ट के वकील ने उठाई जांच की मांग

by

सस्पेंस इंटरेस्ट” और OTS योजनाओं के दुरुपयोग का आरोप, बैंकिंग तंत्र में हलचल

एएम नाथ। चंडीगढ़/सोलन : जोगिन्द्रा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (JCCB) सोलन के शीर्ष प्रबंधन पर करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय घोटाले को छिपाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा द्वारा दायर शिकायत ने बैंकिंग तंत्र में सनसनी फैला दी है।
शिकायत में बैंक के नामित चेयरमैन मुकेश शर्मा, प्रबंध निदेशक पंकज सूद, कुलदीप सिंह (AGM), राम पाल (AGM), हरीश शर्मा (AGM), गुरमीत सिंह (SM), रविंद्र कुमार सहित अन्य पर मिलीभगत से वित्तीय अनियमितताएं करने के आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता का दावा है कि बैंक प्रबंधन वर्षों से “विंडो ड्रेसिंग” के जरिए फर्जी आंकड़े तैयार कर RBI, NABARD और अन्य नियामक संस्थाओं को गुमराह करता रहा, ताकि वास्तविक आर्थिक स्थिति छिपाई जा सके।
एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) को लेकर शिकायत में बड़ा विरोधाभास सामने रखा गया है। आरोप है कि 26 दिसंबर 2025 को बैंक का वास्तविक एनपीए 60 करोड़ रुपये से अधिक था, जबकि 31 मार्च 2025 को इसे 35.46 करोड़ रुपये बताया गया। वहीं मार्च 2026 में इसे घटाकर 19 करोड़ रुपये बताने का दावा किया गया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार वास्तविक आंकड़ा 40 करोड़ रुपये से ऊपर था।
शिकायत में “सस्पेंस इंटरेस्ट” को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि CBS प्रणाली लागू होने के बावजूद इसे मैनुअल रखा गया, ताकि बकाया राशि छिपाई जा सके और एनपीए कम दिखाया जा सके। अधिवक्ता का कहना है कि यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह साधारण त्रुटि नहीं बल्कि सुनियोजित वित्तीय हेरफेर का मामला है।
इसके अलावा provisioning, write-off और OTS योजनाओं के दुरुपयोग से बैंक को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायत के अनुसार इन योजनाओं का लाभ चुनिंदा लोगों को दिया गया, जबकि नुकसान कर्मचारियों, शेयरधारकों और आम जनता को उठाना पड़ा।
अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने पूर्व में आयकर विभाग को शिकायत देकर वर्ष 2005 से कथित टैक्स चोरी और आय दमन की जांच की मांग की थी। अब उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, फॉरेंसिक ऑडिट, संबंधित अधिकारियों के निलंबन और आपराधिक मुकदमे दर्ज करने की मांग उठाई है।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला हिमाचल प्रदेश की सहकारी बैंकिंग व्यवस्था के बड़े घोटालों में शामिल हो सकता है। फिलहाल नजरें नियामक एजेंसियों और राज्य प्रशासन पर टिकी हैं। समाचार लिखे जाने तक बैंक प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

हिमाचल प्रदेश

18 से 45 वर्ष तक के युवाओं को 60 लाख रूपये की परियोजना लागत पर 25 प्रतिशत का निवेश उपदान दिया जा रहा

पूर्वी कला मंच और आरके कला मंच ने बताई सरकार की योजनाएं ऊना, 24 फरवरी: सूचना एवं जन संपर्क विभाग के सांस्कृतिक दलों आरके कला मंच चिंतपूर्णी तथा पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा के कलाकारों...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल के वीर सपूतों मंडी के कैप्टन योगेंद्र सिंह और शिमला के मेजर अंशुल बाल्टू को मिला वीरता सम्मान

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दी बधाई एएम नाथ। शिमला/मंडी :  हिमाचल प्रदेश के लिए यह बेहद गौरवपूर्ण क्षण है जब प्रदेश के दो वीर सपूतों, मंडी ज़िले के जोगिंद्रनगर (ग्राम पंचायत दारट बगला)...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मिंजर स्मारिका एवं निमंत्रण कार्ड उप समिति की बैठक आयोजित , अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा ने की अध्यक्षता

स्मारिका का ई-संस्करण भी होगा तैयार ,निमंत्रण कार्ड के लिए प्रारूप आमंत्रित , ईमेल के माध्यम से भेजने होंगे प्रारूप और रचनाएं चंबा, 3 जुलाई अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला- 2023 के तहत निमंत्रण कार्ड एवं...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री सुक्खू के विधानसभा क्षेत्र नादौन में भी जलशक्ति विभाग का मंडल कार्यालय बंद : अब लोगों को अपने कार्य के लिए 28 किलोमीटर दूर हमीरपुर जाना पड़ेगा

नादौन : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन में भी जलशक्ति विभाग का मंडल कार्यालय बंद कर दिया गया है। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पूर्व भाजपा सरकार के समय अंतिम 6...
Translate »
error: Content is protected !!