भाजपा और ईडी के अनैतिक गठजोड़ का पतन पंजाब से ही होगा – डराने-धमकाने और बदले की राजनीति के हथकंडों के आगे पंजाब कभी नहीं झुकेगा : भगवंत मान

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चंडीगढ़, 09 मई । पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर बार-बार छापेमारी काे लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कहा कि भारतीय जनता पार्टी  प्रवर्तन ईडी के गठजोड़ का पतन पंजाब से ही शुरू होगा।

डराने-धमकाने और बदले की राजनीति के हथकंडों के आगे पंजाब कभी नहीं झुकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास पर एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार ईडी की रेड के दौरान कुछ भी हाथ नहीं लगा।

संगरूर में पत्रकारों से बातचीत में भगवंत मान ने कहा कि ऐसी छापेमारी सिर्फ उन राज्यों में क्यों की जा रही है जहां भाजपा सत्ता में नहीं है। कहा कि मोदी सरकार का असली इरादा काला धन की वसूली नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं पर दबाव डालकर भाजपा में शामिल कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं और शहीदों की धरती वाला पंजाब, औरंगजेब के जुल्मों के आगे भी नहीं झुका।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे भी नहीं झुकेगा और यह भी कहा कि भाजपा-ईडी गठजोड़ का पतन पंजाब से ही शुरू होगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), इनकम टैक्स विभाग, ईडी और यहां तक कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाएं अब निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रही हैं, बल्कि गैर-भाजपा शासित राज्यों, खासकर पंजाब को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए निशाना बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने इन संस्थाओं को नेताओं, कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों को धमकाने के लिए राजनीतिक दमन के साधनों में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि अपनी ड्यूटी निष्पक्षता से निभाने की बजाय इन संस्थाओं का इस्तेमाल अब राजनीतिक हिसाब-किताब तय करने और लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने पूरे देश में यही तरीका अपनाया है जहां छापेमारी भ्रष्टाचार उजागर करने या काला धन वापस लाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए की जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा का संदेश साफ है- या तो भाजपा में शामिल हो जाओ या छापेमारी और जांच के जरिए परेशानी का सामना करो।

राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के हालिया मामले का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनके आवास, यूनिवर्सिटी और व्यावसायिक संस्थानों पर दो दिनों तक छापेमारी की गई। जिस पल वे भाजपा में शामिल हुए, छापेमारी बंद हो गई और इसके बजाय उन्हें केंद्र से सुरक्षा प्रदान की गई। क्या यह एजेंसियों की राजनीतिक दुरुपयोग की ज्वलंत मिसाल नहीं है?

उन्होंने कहा कि ईडी और भाजपा के बीच “अनैतिक गठजोड़” का अंत पंजाब से ही शुरू होगा। उन्होंने बताया कि जब से ‘आप’ सरकार ने बेअदबी विरोधी सख्त कानून पास किया है, भाजपा भड़क गई है और राज्य की नेतृत्व को डराने की अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं।

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