आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए “समान काम के लिए समान वेतन” लागू करने की मांग, विस्तृत बैठक के लिए मांगा समय

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चंडीगढ़ (पुनीत महाजन) 12 मई : कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एम.सी. एम्प्लाइज एंड वर्कर्स, यू.टी. चंडीगढ़ द्वारा आज माननीय प्रशासक चंडीगढ़ को प्रशासन एवं नगर निगम में कार्यरत हजारों आउटसोर्स व रेगुलर कर्मचारियों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित एक विस्तृत मांग पत्र भेजा गया। इसके साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करने हेतु प्रतिनिधिमंडल के लिए समय भी मांगा गया।
कमेटी ने अपने मांग पत्र में कहा कि यू.टी. कर्मचारियों एवं वर्करों की सभी मांगें श्रम कानूनों तथा केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए विभिन्न एक्ट्स के अनुरूप पूरी तरह जायज हैं और माननीय प्रशासक के हस्तक्षेप से इनका समाधान शीघ्र संभव है। मांग पत्र माननीय एडीसी अमनदीप सिंह भट्टी ने प्राप्त किया।
कोऑर्डिनेशन कमेटी ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा डीसी रेट्स में 8 प्रतिशत वृद्धि तथा तुलरबे के आधार पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत लाभ देने के फैसले का स्वागत करते हुए प्रशासक एवं प्रशासन का धन्यवाद भी किया।
कमेटी ने बताया कि 21 अप्रैल को आयोजित यू.टी. कर्मचारियों की कन्वेंशन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें सर्वसम्मति से पारित की गई थीं—
मजदूर विरोधी धाराओं को हटाकर लेबर कोड में संशोधन किया जाए।
डीसी रेट्स में वरिष्ठता के आधार पर वेतन वृद्धि और “अगली उच्च श्रेणी” का लाभ लागू किया जाए।
कर्मचारियों को समय पर वेतन सुनिश्चित किया जाए तथा वेतन में देरी पर जिम्मेदारी तय हो।
आउटसोर्स कर्मचारियों को “समान काम के लिए समान वेतन” के सिद्धांत के तहत वेतन दिया जाए।
बोनस एक्ट तथा ईएसआई नियमों का पूर्ण लाभ कर्मचारियों को मिले।
डेली वेज कर्मचारियों को रेगुलर करने की पॉलिसी में लंबित संशोधन जल्द लागू किए जाएं।
नगर निगम एवं अन्य विभागों में खाली पदों को शीघ्र भरा जाए तथा प्रमोशन में हो रही देरी खत्म की जाए।
नौकरी से निकाले गए सैकड़ों कर्मचारियों को पुनः बहाल किया जाए।
पब्लिक हेल्थ सर्किल में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण पर रोक लगाई जाए।
रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन एवं मेडिकल रिइम्बर्समेंट समय पर मिले।
सिक्योरिटी गार्ड्स को कानून अनुसार 65 वर्ष तक नौकरी करने का अधिकार मिले।
यू.टी. कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल स्कीम लागू की जाए।
मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी दी जाए।
एम.यू. के अंतर्गत कार्यरत टॉयलेट सफाई सेवकों को डीसी रेट्स के अनुसार वेतन दिया जाए।
कर्मचारियों को जरूरी सुविधाएं जैसे टूल, टूलकिट, तेल, साबुन आदि उपलब्ध करवाए जाएं।
कमेटी ने कहा कि नगर निगम से निकाले गए लगभग 450 परिवारों के सामने आज रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और प्रशासन के हस्तक्षेप से इन परिवारों के बुझ चुके चूल्हे दोबारा जल सकते हैं।
कमेटी ने मांग की कि प्रतिनिधिमंडल को जल्द मुलाकात का समय दिया जाए ताकि कर्मचारी अपनी समस्याओं और मांगों पर विस्तार से अपना पक्ष रख सकें।
प्रतिनिधिमंडल में प्रधान सतिंदर सिंह, महासचिव राकेश कुमार, चेयरमैन सुरेश कुमार, कन्वीनर रघबीर चंद, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजिंदर कुमार, चीफ पेट्रोन अनिल कुमार सहित किशोरी लाल, राहुल वैद्य, हरजीत सिंह, नरेश कुमार, राजिंदरन, टापलेन, निर्मल सिंह, कृपण, धर्मवीर, राजू वाल्मीकि, रामदुलार, अमित कुमार, प्रेमपाल, राजिंदर सिंह, रवि सिंह, अशोक बेनीवाल, गुरदेव सिंह, गुरमीत सिंह, सुखविंदर सिंह, कुलदीप सिंह आदि उपस्थित रहे।

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