गुरुग्राम, 18 मई : पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को सोमवार को यहां की एक अदालत ने 100 करोड़ रुपये के कथित धनशोधन मामले में दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एक अधिकारी ने बताया कि हिरासत की दो दिन की विस्तारित अवधि पूरी होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अरोड़ा को अदालत के समक्ष पेश किया गया।
मंत्री की अगली पेशी एक जून को होगी। उनके वकील के अनुसार, सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से होगी।
अधिकारियों के अनुसार मंत्री से पूछताछ पूरी हो चुकी है और ईडी अब आरोप-पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरोड़ा (62) को नौ मई को चंडीगढ़ स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी मोबाइल फोन की बिक्री से जुड़े कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी से संबंधित धनशोधन मामले में छापेमारी के बाद की गई थी।
आरोप है कि अरोड़ा ने गुरुग्राम में करोड़ों रुपये की संपत्ति संदिग्ध लेन-देन के जरिए खरीदी। ईडी का दावा है कि छापेमारी में वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध निवेश से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। उन पर फर्जी कंपनियों के जरिए पैसे का लेन-देन करने और बेनामी संपत्तियां खरीदने का आरोप है।
वकील ने कहा कि ईडी ने समन और नोटिस जारी करके मंत्री के परिवार को भी जांच में शामिल किया है।
उन्होंने बताया कि परिवार के कुछ सदस्यों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और पूछताछ के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद अरोड़ा को गुरुग्राम सत्र न्यायालय में पेश किया गया था और अदालत ने उन्हें सात दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था।
अरोड़ा के वकील ने दावा किया था कि उनके मुवक्किल के खिलाफ ईडी का मामला ”झूठा और निराधार” था और जांच अधिकारी ने उन्हें गिरफ्तार करने से पहले ”प्रथम दृष्टया कोई सबूत” एकत्र नहीं किया था।
अरोड़ा को शनिवार को अदालत में पेश किया गया था और अदालत ने उनकी ईडी हिरासत की अवधि दो दिन के लिए बढ़ा दी थी।
