शिरोमणि अकाली दल ने 189 वार्डों और भाजपा ने 167 में की जीत दर्ज
निर्दलीय जीत गए 248 वार्ड
चंडीगढ़: पंजाब निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ का संकेत दिया है. घोषित परिणामों के अनुसार, आप ने सबसे ज्यादा 937 वार्डों में जीत हासिल कर अन्य सभी दलों को पीछे छोड़ दिया।
चुनाव नतीजों ने साफ कर दिया कि शहरी क्षेत्रों में पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है।
कांग्रेस ने 376 वार्डों में दर्ज की जीत : कांग्रेस 376 वार्डों में जीत दर्ज कर दूसरे स्थान पर रही. वहीं, बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 248 वार्डों में जीत हासिल की. शिरोमणि अकाली दल को 189 वार्डों में सफलता मिली, जबकि भारतीय जनता पार्टी 167 वार्डों में जीत दर्ज कर सकी. बहुजन समाज पार्टी के खाते में 7 वार्ड आए हैं. ये परिणाम राज्य के 23 जिलों में स्थित 102 शहरी निकायों के वार्डों पर आधारित हैं।
मतगणना शुक्रवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई थी. जैसे ही वोटों की गिनती आगे बढ़ी, राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों की नजरें लगातार नतीजों पर बनी रहीं. कई जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया, जबकि कुछ क्षेत्रों में मुकाबला काफी करीबी भी देखने को मिला।
राज्य चुनाव आयोग ने मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए थे. आयोग की ओर से सभी जिलों में चुनाव पर्यवेक्षकों की निगरानी में मतगणना कराई गई. इसके अलावा रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए मतगणना कर्मियों और सहायकों की नियुक्ति की गई, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पक्षपात की आशंका को खत्म किया जा सके।
चुनाव आयोग ने तकनीकी सुविधाओं का भी पूरा इस्तेमाल किया. मतदाताओं और राजनीतिक दलों की सुविधा के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ‘Results of Municipal Elections 2026’ सेक्शन के तहत वार्डवार नतीजे अपलोड किए गए. मीडिया प्रतिनिधियों के लिए भी मतगणना केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे चुनाव परिणामों की जानकारी तेजी से लोगों तक पहुंच सके।
मतदान कब हुआ था?
गौरतलब है कि पंजाब में 26 मई को मतदान कराया गया था. इस चुनाव के तहत 8 नगर निगम, 75 नगर परिषद और 20 नगर पंचायतों के लिए वोट डाले गए थे. मतदान के दौरान मतदाताओं में काफी उत्साह देखने को मिला. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारियों और सीसीटीवी निगरानी की मदद ली गई थी।
इन नतीजों को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि शहरी निकाय चुनावों में प्रदर्शन को अक्सर जनता के मूड का संकेत माना जाता है।
