चंडीगढ़ ; भगवंत मान सरकार ने कैबिनेट बैठक के बाद बड़ा फैसला लिया है. सरकार के इन फैसलों से कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी ।।मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में, ग्रुप C और ग्रुप D कैटेगरी की नौकरियों के लिए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. अब सरकार पंजाब स्टेट आउटसोर्स पर्सनल बिल-2026 और पंजाब कॉन्ट्रेक्टचुअल पर्सनल बिल- 2026 जल्द ही विधानसभा में लाएगी।
सरकार का दावा है कि इस फैसले से हजारों आउटसोर्स और टेम्पररी कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा होगा, और भविष्य में इन कैटेगरी में रेगुलर भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी. कैबिनेट बैठक के बाद, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि सरकार ‘पंजाब आउटसोर्स्ड पर्सनल बिल, 2026’ लाने की योजना बना रही है. इस कानून के जरिए, जो आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें सरकार के प्रशासनिक दायरे में लाया जाएगा।
कैबिनेट ने इस संबंध में एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है, जिसे अब राज्यपाल के पास भेजा जाएगा. इसके बाद, इसे विधानसभा में एक बिल के तौर पर पेश किया जाएगा. बताया जा रहा है कि पंजाब सरकार के इस कदम से प्रदेश के 65048 कर्मचारियों को फायदा मिलेगा. 51 विभाग के कर्मचारी इसका फायदा उठाएंगे. तीन साल पूरा कर चुके खतरनाक कैटिगरी वाले कर्मचारियों को सरकारी सहूलियत मिलेगी. सैलरी सीधे बैंक खातों में जाएगी।
Punjab News …ठेकेदारी-सिस्टम-पर-सरकार
सरकार ने गैर-खतरनाक श्रेणी के कर्मचारियों के लिए भी राहत का प्रावधान किया है. पांच वर्ष या उससे अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को पहले चरण में लाभ मिलेगा. इस श्रेणी में करीब 18 हजार कर्मचारी आते हैं, जबकि खतरनाक श्रेणी में लगभग 8,400 कर्मचारी शामिल हैं।
सरकारी कर्मचारियों वाली सुविधाएं मिलेंगी
मुख्यमंत्री भगवंत मान कहा कि नए ढांचे के तहत, कर्मचारियों को सबसे पहले आउटसोर्सिंग प्रणाली से बाहर निकालकर सरकारी संविदा प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा. इसके बाद, उनके नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. नियमितीकरण होने पर, इन कर्मचारियों को वे सभी सुविधाएं और लाभ मिलेंगे जो अन्य सरकारी कर्मचारियों को दिए जाते हैं. इसके अलावा, उनका वेतन सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाएगा, जिससे किसी भी ठेकेदार या एजेंसी की भूमिका समाप्त हो जाएगी।
65,000 युवाओं को दी नियमित सरकारी नौकरियां
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही यह प्रक्रिया तत्काल शुरू हो जाएगी. सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसी भी कर्मचारी को बिना पूर्व सूचना के सेवा से न हटाया जाए. कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे शोषण को समाप्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अब से, सरकार का मुख्य ध्यान नियमित भर्ती पर होगा. पिछले चार वर्षों में, लगभग 65,000 युवाओं को नियमित सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
