HP University में फीस बढ़ोतरी : एसएफआई ने समर हिल चौक पर किया धरना-प्रदर्शन

by

एएम नाथ । शिमला : हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी शिमला में हाल ही में की गई फीस बढ़ोतरी के विरोध में कल शुक्रवार को  एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई ने समर हिल चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने कुछ समय के लिए चक्का जाम भी किया और विश्वविद्यालय प्रशासन तथा प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, छात्रावासों और शोधार्थियों ने भाग लिया।

एसएफआई का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लागू की गई फीस वृद्धि छात्र हितों के खिलाफ है और इससे उच्च शिक्षा आम छात्रों की पहुंच से दूर हो सकती है। संगठन का कहना है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र पढ़ाई करते हैं। ऐसे में फीस बढ़ने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

धरने को संबोधित करते हुए एसएफआई के उपाध्यक्ष आशीष ने कहा कि शिक्षा सभी छात्रों का अधिकार है और इसे आर्थिक क्षमता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार फीस बढ़ने से गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल हो सकता है। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय की स्थापना सभी वर्गों के विद्यार्थियों को सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन मौजूदा नीतियां इस उद्देश्य के विपरीत दिखाई देती हैं।

प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों के खाली पदों, छात्रावासों में सुविधाओं की कमी, पुस्तकालयों में संसाधनों के अभाव और आधारभूत ढांचे से जुड़ी समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि इन समस्याओं को दूर करने के बजाय प्रशासन फीस बढ़ाकर छात्रों पर बोझ डाल रहा है।

एसएफआई की महिला उप समिति की संयोजक अंकिता ने कहा कि संगठन फीस वृद्धि के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में धरना-प्रदर्शन, रैलियां और अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने नई शिक्षा नीति, शिक्षा के निजीकरण और सरकारी विश्वविद्यालयों में बढ़ती फीस का भी मुद्दा उठाया। एसएफआई का कहना है कि विश्वविद्यालयों की वित्तीय चुनौतियों का समाधान छात्रों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ डालकर नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने सरकार से उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने और सार्वजनिक निवेश बढ़ाने की मांग की है।

 

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

कुटलैहड़ महोत्सव की भव्य सांस्कृतिक संध्या में शुक्रवार को जनसैलाब उमड़ा : कुटलैहड़ महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में उमड़ा जनसैलाब, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया रहे मुख्य अतिथि

मुख्यमंत्री से पिपलू मेले को राज्य स्तरीय दर्जा देने की करेंगे सिफारिश, महोत्सव के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा रोहित जसवाल। बंगाणा (ऊना), 27 जून. 24 से 26 जून तक आयोजित जिला...
article-image
हिमाचल प्रदेश

नई करुणामूलक रोजगार नीति बनाएगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री सुक्खू

एएम नाथ। शिमला :  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एक नई करुणामूलक रोजगार नीति बनाने पर विचार कर रही है।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

प्रदेश में लोगों को मिल रहीं आधुनिक उपचार सुविधाएं : मुख्यमंत्री सुक्खू

एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार अधोसंरचना के विकास के जरिए एक सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश सरकार...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

कंगना रनौत से मिले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर , चुनावी रणनीति समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा – डेढ़ साल में काम किया होता तो अपने काम गिनाकर वोट माँगते मुख्यमंत्री : जयराम ठाकुर

एएम नाथ। मण्डी : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने यदि  पिछले डेढ़ सालों में कोई भी काम किया होता तो आज वह अपने काम गिना कर कांग्रेस के लिए वोट...
Translate »
error: Content is protected !!