जीएमसीएच-32 के आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगों पर सांसद मनीष तिवारी ने दिया सकारात्मक आश्वासन

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नियमितीकरण और समान काम-समान वेतन की मांग को संसद व प्रशासन के समक्ष उठाने का भरोसा
पुनीत महाजन : चंडीगढ़, 15 जून । गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच), सेक्टर-32, चंडीगढ़ में पिछले 10 से 15 वर्षों से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज “जीएमसीएच कॉन्ट्रैक्टर वर्कर्स यूनियन” के नेतृत्व में चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी से सेक्टर 16 चंडीगढ़ उनके निवास मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनियन के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार, दिनेश सिंह रावत तथा समाजसेवी एवं पूर्व प्रेस सचिव विक्रम सिंह ने किया। इस दौरान सांसद को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगें रखी गईं।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जीएमसीएच में 10 से 15 वर्षों से लगातार कार्यरत पैरामेडिकल स्टाफ, एमएलटी, डीईओ, वार्ड अटेंडेंट, सफाई कर्मचारी एवं अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों को सुरक्षित नीति के तहत नियमित किया जाए। कर्मचारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए नीतियां बनाई जा रही हैं, जबकि चंडीगढ़ में वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए अब तक कोई ठोस नीति लागू नहीं की गई है।
दूसरी प्रमुख मांग “समान काम-समान वेतन” को लेकर रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों तथा अनुबंध श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1970 के प्रावधानों के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों को उनकी वरिष्ठता के आधार पर समान वेतन का लाभ दिया जाना चाहिए।
कर्मचारियों ने सांसद को यह भी अवगत कराया कि लीगल रिमेंबरेंसर विभाग द्वारा वार्ड अटेंडेंट्स को बोनस संबंधी मामले में जीएमसीएच का कर्मचारी माना जा चुका है, जिससे प्रशासन के साथ उनका प्रत्यक्ष संबंध स्थापित होता है। साथ ही आउटसोर्स व्यवस्था के तहत सेवा प्रदाताओं को दिए जा रहे कमीशन के कारण सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है।
सांसद मनीष तिवारी ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वह इस विषय को प्राथमिकता के आधार पर चंडीगढ़ प्रशासन के समक्ष उठाएंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर संसद में भी कर्मचारियों की आवाज बुलंद करेंगे, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
इस अवसर पर यूनियन के पूर्व प्रेस सचिव विक्रम सिंह ने सांसद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ दशक से कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सांसद द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और सकारात्मक पहल से कर्मचारियों में नई उम्मीद जगी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सांसद के प्रयासों से कर्मचारियों की नियमितीकरण तथा समान काम-समान वेतन की मांगों का जल्द समाधान होगा।
यूनियन ने सांसद से अनुरोध किया कि चंडीगढ़ प्रशासन को उच्च न्यायालय के आदेशों तथा श्रम कानूनों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण समाप्त हो सके और उन्हें सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां एवं न्याय मिल सके।

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