दड़वा वन नर्सरी में इंटर्न विद्यार्थियों ने सीखा पौध उत्पादन और जैव विविधता संरक्षण का व्यावहारिक ज्ञान

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पुनीत महाजन :  चंडीगढ़, 25 जून।
द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया (ESI), चंडीगढ़ द्वारा वन एवं वन्यजीव विभाग, यू.टी. चंडीगढ़ के सहयोग से अपने इंटर्नशिप फील्ड एक्सपोज़र कार्यक्रम के अंतर्गत दड़वा स्थित वन नर्सरी, चंडीगढ़ का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पौध उत्पादन, नर्सरी प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।
कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, डीएवी कॉलेज करनाल, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय घरुआँ, गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज सेक्टर-11, चंडीगढ़ तथा डीएवी कॉलेज सेक्टर-10, चंडीगढ़ के इंटर्न विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर ईएसआई के सदस्य अशोक कुमार बंसल, शशि झिंगन, श्रीमती चांदनी शर्मा एवं आर.के. शर्मा भी उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया एवं भारतीय एकता मंच के सचिव (पर्यावरण) एन.के. झिंगन ने विद्यार्थियों को पौधों की पहचान, बीज संग्रहण, नर्सरी प्रबंधन तथा जैव विविधता संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों से निपटने के लिए विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाना अत्यंत आवश्यक है।
तकनीकी सत्र का संचालन ब्लॉक अधिकारी बलविंदर सिंह एवं फॉरेस्ट गार्ड अमरिंदर सिंह ने किया। अमरिंदर सिंह ने पौध तैयार करने की प्रक्रिया, मिट्टी के मिश्रण, बीज उपचार, अंकुरण तकनीक तथा पौधों की प्रारंभिक देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी मानसून सीजन के दौरान चंडीगढ़ में वृक्षारोपण के लिए विभिन्न प्रजातियों के हजारों पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर वृक्षारोपण तकनीकों पर एक व्यावहारिक कार्यशाला भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने स्वयं मिट्टी तैयार कर बीज बोने और पौध उत्पादन की प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने बड़ी रुचि और उत्साह के साथ पौधशाला प्रबंधन की बारीकियों को समझा।
इसके पश्चात बलविंदर सिंह ने प्रतिभागियों को नर्सरी एवं विशेष ग्रीन हाउस का भ्रमण करवाया तथा स्वचालित सिंचाई प्रणाली और तापमान नियंत्रित ग्रीन हाउस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इन आधुनिक तकनीकों के माध्यम से हजारों पौधे तैयार कर चंडीगढ़ के वृक्षारोपण अभियानों तथा नागरिकों को वितरण के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं।
पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पौध उत्पादन, नर्सरी प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे तथा इस व्यावहारिक प्रशिक्षण को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं भविष्य के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के अंत में अशोक कुमार बंसल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए वन एवं वन्यजीव विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इंटर्न विद्यार्थियों को सीखने और प्रकृति से जुड़ने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान किया।

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