मानसा : गांव कोटधरमू में हुई तरसेम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए मृतक की पत्नी समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी के अपने देवर (रिश्ते में ममेरे देवर) से कथित प्रेम संबंध थे। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन पति उनके रिश्ते में बाधा बन रहा था। इसी कारण उसकी हत्या की साजिश रची गई।
एसएसपी भागीरथ सिंह मीणा ने बताया कि मामले की जांच के लिए डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल के नेतृत्व में सीआईए स्टाफ, थाना सदर और पुलिस चौकी कोटधरमू की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान मृतक के भाई कुलदीप सिंह के बयान दर्ज किए गए। उसने बताया कि उसकी भाभी जगमीत कौर के बुढलाडा निवासी अपने मामा के बेटे दीप सिंह उर्फ कालू के साथ कथित अवैध संबंध थे। इस बात को लेकर तरसेम सिंह और उसकी पत्नी के बीच कई बार विवाद भी हो चुका था।
पुलिस ने शक के आधार पर दीप सिंह उर्फ कालू को नामजद किया। जांच के दौरान जगमीत कौर के घर से वह मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिससे वह दीप सिंह से लगातार संपर्क में रहती थी। पूछताछ में दीप सिंह ने हत्या की साजिश और वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि घटना के समय उसके साथ बुढलाडा निवासी गोबिंद सिंह भी था।
आरोपितों ने पुलिस को बताया कि दोनों मोटरसाइकिल से तरसेम सिंह के घर पहुंचे, दीवार फांदकर अंदर घुसे और कपड़े से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को सहारना ड्रेन पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि दीप सिंह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से तरसेम सिंह के साथ मार्बल लगाने का काम सीख रहा था। इसी दौरान उसकी जगमीत कौर से नजदीकियां बढ़ीं। दोनों साथ रहना चाहते थे और इसी उद्देश्य से तरसेम सिंह की हत्या की साजिश रची गई।
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, गला घोंटने में इस्तेमाल कपड़ा और दीप सिंह का मोबाइल फोन बरामद करने के साथ अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
प्रारंभिक तौर पर जगमीत कौर ने थाना सदर पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि उसके पति तरसेम सिंह की घर में अज्ञात लोगों ने गला घोंटकर हत्या कर दी है। पुलिस ने उसके बयान पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया।
अंतिम संस्कार के बाद जब पुलिस ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो 24 घंटे के भीतर ही शिकायतकर्ता पत्नी की कथित संलिप्तता सामने आ गई और पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया।
