गढ़शंकर । गढ़शंकर के गांव कंबाला के डॉ. नरेश कुमार भूम्बला ने समाज सेवा और मानव अधिकारों की रक्षा के क्षेत्र में सराहनीय काम के चलते डॉ. नरेश कुमार भूम्बला का नाम ‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में नाम दर्ज किया गया।
देश की राजधानी नई दिल्ली के प्रतिष्ठित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान डॉ. भूम्बला को उनकी बेमिसाल सेवाओं के लिए प्रसिद्ध यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिके (प्रमाण पत्र संख्या: यूएसएबीडब्ल आर 1104) से नवाजा गया। इसके साथ ही उनकी इस अनूठी उपलब्धि और सामाजिक योगदान की चर्चा प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका यू.एस.ए. हेराल्ड में भी प्रमुखता से की गई है।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित इस शानदार समारोह के दौरान देश की कई जानी-मानी राष्ट्रीय हस्तियों ने मुख्य अतिथि श्री रामदास अठावले केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री, विजया रहातकर सदस्य राष्ट्रीय महिला आयोग, किरण महल्ले सदस्य, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, डॉ. मनीष गवई मुख्य आयोजक, जेनिफर परेरा मिसेज एशिया यूनिवर्स 2026 एवं एशिया के लिए ग्रैंड एंबेसडर/ब्रांड एंबेसडर मौजदू थी।
15 वर्षों से डॉ. भूम्बला लगातार समाज सेवा, रक्तदान शिविरों के आयोजन और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियानों में सक्रिय हैं। वह युवाओं को पर्यावरण की शुद्धता के लिए पौधे लगाने और मानवता की भलाई के लिए रक्तदान करने के लिए लगातार प्रेरित करते आ रहे हैं। डॉ. नरेश कुमार भूम्बला के नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है।इसके साथ ही वह वर्तमान में ‘वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कमीशन के नेशनल प्रेसिडेंट के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं और मानवाधिकार में मानद पीएचडी भी हासिल कर चुके है।
डॉ. नरेश कुमार भूम्बला की इस महान उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदाय ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है और कहा है कि उनका यह सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत बनेगा।
