प्रारंभिक शिक्षा विभाग की देरी पर भड़के जेबीटी शिक्षक, सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
नियमितीकरण अधिसूचना में विलंब से 611 जेबीटी शिक्षकों में रोष, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
एएम नाथ। शिमला : प्रारंभिक शिक्षा विभाग में कार्यरत 611 जेबीटी शिक्षक कार्मिक विभाग के स्पष्ट आदेशों के बावजूद अब तक नियमितीकरण के लाभ से वंचित हैं। इसे लेकर शिक्षकों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि शीर्ष स्तर से नियमितीकरण संबंधी आदेश जारी होने के कई महीने बाद भी शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी नहीं की, जिससे उनका भविष्य अनिश्चितता में बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग (एपी-III) ने 2 अप्रैल 2026 को पत्र संख्या PER (AP)-C-B (2)-1/2014-V.II जारी कर सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिला उपायुक्तों को वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान अनुबंध सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के नियमितीकरण के निर्देश दिए थे। आदेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों ने 30 सितंबर 2024 और 30 सितंबर 2025 तक दो वर्ष की निरंतर अनुबंध सेवा पूरी कर ली है, वे नियमितीकरण के पात्र हैं।
शिक्षकों का आरोप है कि प्रदेश के अधिकांश सरकारी विभागों ने इस नीति के तहत पात्र कर्मचारियों को नियमित कर वित्तीय लाभ भी प्रदान कर दिए हैं, जबकि प्रारंभिक शिक्षा विभाग अब तक इस प्रक्रिया को लागू नहीं कर पाया है। इससे 611 जेबीटी शिक्षक नियमितीकरण और उससे मिलने वाले सेवा एवं वित्तीय लाभों से वंचित हैं।
जेबीटी शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव से आग्रह किया है कि मामले का शीघ्र संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक शिक्षा विभाग को नियमितीकरण की अधिसूचना तत्काल जारी करने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि अनावश्यक प्रशासनिक देरी से पात्र शिक्षकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और उनमें असंतोष लगातार बढ़ रहा है। शिक्षकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार शीघ्र निर्णय लेकर लंबित प्रक्रिया पूरी करेगी, ताकि सभी पात्र शिक्षकों को नियमानुसार नियमितीकरण और संबंधित लाभ समय पर मिल सकें।