फिरोजपुर : जिले के मक्खू क्षेत्र में तैनात पंजाब पुलिस के एक एएसआई के लापता होने के मामले ने पुलिस प्रशासन में हलचल मचा दी है। एएसआई गुरदयाल सिंह के लापता होने से पहले इंटरनेट मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में सात लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इसके बाद पुलिस ने उनकी पत्नी के बयान के आधार पर सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलाहल नहर में तलाश के लिए पुलिस और गोताखोरों की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। जानकारी के अनुसार एएसआई गुरदयाल सिंह, जो बटाला के निवासी हैं और वर्तमान में मक्खू में 112 हेल्पलाइन पर तैनात थे, ने लापता होने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया। दावा किया कि उनकी पत्नी सुरजीत कौर द्वारा बटाला के वार्ड नंबर 11 से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पार्षद चुनाव लड़ने के बाद कुछ लोग लगातार उन्हें और उनके परिवार को निशाना बना रहे थे।
वीडियो में लगाए गए आरोपों के अनुसार उनकी तस्वीरों का कथित रूप से दुरुपयोग कर आपत्तिजनक वीडियो तैयार किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उन्हें बदनाम करने की धमकी दी जा रही थी। इसके साथ ही कथित तौर पर 30 से 35 लाख रुपये की मांग भी की गई। एएसआई ने वीडियो में कहा कि लगातार मिल रही धमकियों, बदनामी और मानसिक दबाव के कारण वह बेहद परेशान थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन तत्काल मौके पर पहुंचा और नहर में व्यापक खोज अभियान शुरू किया गया। देर शाम तक गोताखोरों और पुलिस की टीमें एएसआई की तलाश में जुटी रहीं। फिलहाल उनकी तलाश जारी है।
जिला पुलिस के अनुसार पुलिस इंस्पेक्टर (जांच) मनजीत सिंह ने बताया कि एएसआई की पत्नी के बयान के आधार पर सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि वीडियो में लगाए गए आरोपों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री, मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि आरोपों की सत्यता का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला एक बार फिर कथित ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दों को चर्चा में ले आया है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता एएसआई का पता लगाना और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच पूरी करना है।
