अनावश्यक यात्रा से बचें, हेल्पलाइन 1077 और 98166 98166 पर लें सड़कों की जानकारी : उपायुक्त
भूस्खलन और जलभराव से चंबा में व्यापक नुकसान, प्रशासन राहत एवं बहाली में जुटा
एएम नाथ। चंबा
जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा के चलते उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि यात्रा के दौरान तेज बारिश शुरू हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर रुकें और मौसम सामान्य होने के बाद ही आगे बढ़ें। उन्होंने लोगों से यात्रा शुरू करने से पहले प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 1077 और 98166 98166 पर संपर्क कर सड़कों की ताजा स्थिति की जानकारी लेने का आग्रह किया।
उपायुक्त ने बताया कि बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से जिले में व्यापक नुकसान हुआ है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार जिले में करीब 122 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। इसके अलावा 150 से अधिक विद्युत वितरण ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं, जबकि 65 पेयजल योजनाएं भी बाधित हुई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-154A पर कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित हुआ था, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने समय रहते बहाल कर दिया। वहीं लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड की टीमें अन्य प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर बहाली कार्य में जुटी हैं।
उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर क्षेत्र में नाले का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने से दो मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई अन्य घरों में पानी और मलबा भर गया। एसडीएम और नगर परिषद की टीमों ने मौके का निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने कहा कि क्षेत्र में बार-बार बनने वाली बाढ़ जैसी स्थिति के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि इस वर्ष का मानसून जिला चंबा के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। अब तक सड़क दुर्घटनाओं में करीब 45 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने सोमवार देर रात बनीखेत के लाहड़ में हुई दुखद दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि खराब मौसम में विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से देर रात यात्रा से बचने, आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर रात्रि विश्राम करने तथा नदी-नालों के किनारे निर्माण से परहेज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सतर्कता और प्रशासन की सलाह का पालन ही जान-माल की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।
