गढ़शंकर, 11 अगस्त: आनंदपुर साहिब रोड स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर गुरुद्वारा साहिब में किरती किसान यूनियन जिला होशियारपुर का जिला डेलीगेट अधिवेशन आयोजित किया गया। अधिवेशन में संगठन की पिछली गतिविधियों की समीक्षा की गई और किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। जिला सचिव कुलविंदर सिंह चाहल ने संगठन की गतिविधियों संबंधी समीक्षा रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि यूनियन ने संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी और पंजाब स्तरीय आह्वानों को लागू करते हुए ट्रैक्टर मार्च, धरने, प्रदर्शन और रैलियों में भाग लिया। इसके अलावा संगठन की ओर से स्थानीय स्तर पर भी विभिन्न संघर्ष किए गए। जिले के कई गांवों में संगठन की इकाइयां सक्रिय हैं, जिनकी गतिविधियों को लेकर डेलीगेटों ने चर्चा की। अधिवेशन को संबोधित करते हुए राज्य पर्यवेक्षक भूपिंदर सिंह वड़ैच और किरती किसान यूनियन के राज्य वित्त सचिव हरमेश सिंह ढेसी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार देश की कृषि को देसी-विदेशी कॉरपोरेट घरानों के हवाले करने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करते हुए कहा कि इसके लागू होने से किसानों के साथ-साथ डेयरी फार्मिंग और पोल्ट्री फार्मिंग जैसे सहायक व्यवसाय भी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब में भूजल का स्तर लगातार तेजी से गिर रहा है। पंजाब के नदी जल पर केंद्र सरकार का नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में पंजाब की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। उन्होंने कहा कि फसलों की उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का लागत के अनुरूप उचित मूल्य नहीं मिल रहा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की नीतियां जन आंदोलनों को दबाने की दिशा में हैं। किसानों की मांगों को मनवाने के लिए दिल्ली के किसान आंदोलन की तर्ज पर मजबूत संघर्ष करना होगा। इसके लिए संगठन को और मजबूत तथा संघर्षशील बनाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर डीटीएफ नेता मुकेश कुमार तथा पेंशनर नेता हंसराज गढ़शंकर और सतपाल कलेर ने भ्रातृ संगठनों की ओर से संदेश प्रस्तुत किए। अधिवेशन के दौरान 11 सदस्यीय जिला कमेटी का चुनाव किया गया। इसमें जगतार सिंह भिंडर को जिला प्रधान, कुलविंदर सिंह चाहल को जिला सचिव, भूपिंदर सिंह भुंगा को उपप्रधान तथा सतनाम सिंह मुखलियाणा को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा रामजीत सिंह देणोवाल कलां, कुलवंत सिंह गोलेवाल, सुखविंदर सिंह सोडी, दर्शन सिंह, गुरदीप सिंह हरखोवाल, मेजर सिंह और हरमेश सिंह ढेसी को जिला कमेटी का सदस्य चुना गया। अधिवेशन के अंत में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में पंजाब की स्थायी सदस्यता बहाल करने, यूएपीए, एनएसए औरएस्मा जैसे कानूनों को रद्द करने, किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने तथा पंजाब विधानसभा में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में पंजाब की स्थायी सदस्यता बहाल करने संबंधी प्रस्ताव पारित किए गए।
